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BlueWhale के बाद अब Sarahah एप के कारण आत्महत्या की कोशिश

BlueWhale गेम की तरह ही अब सराहा एप के दुरुपयोग ने एक लड़की को आत्महत्या के लिए सोचने पर मजबूर किया।

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पिछले दिनों ब्लू व्हेल गेम के कारण कई लोगों ने जान गंवाई और कई मामले ऐसे भी सामने आए जिनमें ब्लू गेम खेलते समय बच्चों ने जान देने की ​कोशिश की। जहां गेम अभिभावकों और सरकार सभी के लिए सिर दर्द बना हुआ है, वहीं इस बीच सराहा नामक एक एप ने भी दस्तक दी। सराहा एप्लिकेशन दस्तक देने के साथ ही फेसबुक पर इस कदर लोकप्रिय हुआ कि लगभग प्रत्येक फेसबुक यूजर इसके मैसेज पोस्ट करने लगा। अब यह एक बार फिर चर्चा में आया है और किंतु इस बार इसके कारण एक यूजर को आत्महत्या के बारे में सोचना पड़ा।

सीक्रेट मैसेजिंग एप सराहा पर भी अब नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगे हैं, क्योंकि इस एप का प्रचार इस तौर पर किया गया था कि आप सीक्रेट मैसेज के माध्यम से किसी को अपने मन की बात कह सकते हैं जिसे सामने कहने में हिचकिचाहट महसूस होग। किंतु अब यह एप युवाओं के बीच अवसाद का एक प्रमुख कारण बन गया है। कुछ लोगों द्वारा सराहा एप का दुरुपयोग किया जा रहा है। इससे जुड़ा एक मामला सामने आया है। इसे भी देखें: OnePlus 5 का एक स्पेशल एडिशन अगले सप्ताह किया जा सकता है लॉन्च: रिपोर्ट

मंगलुरु की एक नर्स ने सराहा एप पर अपमानजनक मैसेज प्राप्त करने के बाद आत्महत्या करने के बारे में सोचा था। उसने फेसबुक पर पोस्ट किया था कि वह इन संदेशों के परिणामस्वरूप आत्महत्या करने पर विचार कर रही थी। उसने एक संदेश पोस्ट किया जो “मैं जीवन छोड़ रही हूं।”

जिसके बाद यह पोस्ट वायरल हो गई और इसका एक स्क्रीनशॉट राककोंडा पुलिस के एफबी अकाउंट में भेजा गया था, जिसने इसके बाद मंगलुरु में उनके समकक्षों से संपर्क किया था। मंगलुरु सिटी पुलिस ने लड़की से इस विषय पर बात की और उसे सलाह दी। हनुमंतराय, डीसीपी (कानून और व्यवस्था), मंगलूरु शहर की पुलिस ने कहा, “हमे लगता है कि सराहा पर गुमनामित टिप्पणियों ने उसे इतना प्रभावित किया है कि वह गंभीर डिप्रेशन में आ गई है।” इसे भी देखें: एप्पल iPhone X से लेकर iOS 11 हुए लॉन्च, जानें 6 महत्वपूर्ण घोषणाओं के बारे में

संस्थान के अध्यक्ष कृष्ण जे पालेमार ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि हालांकि इसके किसी भी संस्थान में ब्लू व्हेल के शिकार नहीं हैं, पहले से ही आसन्न खतरे को ऊपर उठाना चाहिए। उन्होंने बताया, “हमने एक दो पृष्ठ की टुकड़े टुकड़े की पुस्तिका जारी की है जो डीके और उडुपी में 150 शैक्षिक संस्थानों को वितरित की जाएगी जिसमें खेल के घातक प्रभाव को समझा जाएगा और समाज में इसे रोकने के लिए यह महत्वपूण भूमिका निभा सकता है।” इसे भी देखें: GFXBench पर नजर आया Nokia 9 स्मार्टफोन, एंड्राइड 8.0 Oreo पर हो सकता है आधारित