comscore
News

स्थानीय हुआ भारत का मानचित्र, इस ऐप ने बदलकर रख दी सारी कहानी

अब कीबोर्ड में महज़ एक बटन दबाकर भारत में आप विभिन्न दूरदराज की या अपनी मनपसंद जगहों को खोज सकते हैं। उन्हें सेव और शेयर कर सकते हैं।

mapmyindia stock photo

डिजिटल मैप और लोकेशन टेक्नॉलजी के क्षेत्र में भारत का नेतृत्व कर रहे “मैप माई इंडिया” और “लैंग्वेज टेक्नॉलजी सोल्यूशंस” में अग्रणी “रेवेरी लैंग्वेज टेक्नॉलजीज” ने आपसी साझेदारी से भारत के पूरे मानचित्र को स्थानीय बना दिया है। उनकी कोशिश सामान और सेवाओं की डिलिवरी प्रभावी ढंग से लोगों के घरों तक करने में विभिन्न कंपनियों और सरकारी संस्थाओं को सक्षम बनाना है। इन दोनों कंपनियों ने विभिन्न उत्पादों को उपभोक्ताओं तक समय पर पहुंचाने के लिए मैप माई इंडिया के प्लेटफॉर्म पर साझेदारी की है और पिछले 20 सालों में मैप माई इंडिया की ओर से बनाए गए डिजिटल मानचित्र के विशाल संग्रह को स्थानीयता का एक नया प्लेटफार्म दिया है। स्थानीयता का पुट लिए इन मानचित्रों को विभिन्न भाषाओँ पर आधारित कीबोर्ड ऐप पर जारी किया गया है। यह कीबोर्ड ऐप इंटेलिजेंट होने के साथ ही विभिन्न कंपनियों को अपने सामान की डिलिवरी करने में सहायता भी उपलब्ध कराता है, इस ऐप को “हे मैप” का नाम दिया गया है। इसे गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है, जिसका लिंक इस प्रकार है।

इसे भी देखें: सफ़ेद नोकिया 6 स्मार्टफ़ोन अप्रैल में किया जा सकता है पेश, सबसे पहले चीन में देगा दस्तक

Map My India 1

मैप माई इंडिया और रेवेरी ने भारत के मानचित्र के पूर्व मंच को स्थानीयता प्रदान की है, जिसकी मदद से विभिन्न व्यापारिक और सरकारी संस्थाएं अपने उत्पाद और सेवाओं को बेहतरीन, सक्षम और सटीक तरीके से उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचा सकते हैं। उन्हें इसके लिए उन्हें ताकतवर अल्फा न्यूमेरिक ई-लॉक (e-loc) कोड का प्रयोग करना पड़ता है, जिससे सामान की तय उपभोक्ता के घर डिलिवरी सुनिश्चित होती है।

यह मानचित्र फिलहाल हिंदी में उपलब्ध है। आपको बता दें कि BGR हिंदी से हुई बातचीत में रेवेरी लैंग्वेज टेक्नोलॉजी के मोबिलिटी प्रोडक्ट के AVP और बिज़नेस हेड, देबाशीष रॉय ने कहा है कि, “अभी फिलहाल ने मानचित्र आपको हिंदी और अंग्रेजी में मिल जाएगा हालाँकि इसे आने वाले 5-6 महीनों में पंजाबी, गुजराती, तमिल और कन्नड़ में उपलब्ध कराया जाएगा और इसके अलावा इसे 11 अन्य भारतीय भाषाओँ में भी उपलब्ध करने की योजना है।”

उन्होंने ये भी कहा कि, “अभी ये ऐप महज़ एंड्राइड पर ही उपलब्ध है और आने वाले 2 महीनों में इसे iOS पर भी उपलब्ध करा दिया जाएगा। अगर आपके पास एंड्राइड 4.0 से ऊपर के एंड्राइड वर्ज़न वाला फ़ोन है तो आप इस ऐप को अपने मोबाइल में इस्तेमाल कर सकते हैं।”

साथ ही आपको बता दें कि देबाशीष का मानना है कि ये भारत में अपने आप में ऐसा पहला कीबोर्ड है जिसमें मैप्स को इंटीग्रेट किया गया है।

इसे भी देखें: भारत में लॉन्च हुआ Galaxy J3 Pro, कीमत: 8,490 रुपए, जानें स्पेसिफिकेशन और फीचर्स

इन चीजों को बनाया संभव:

इससे उपभोक्ता केवल कीबोर्ड में एक बटन दबाकर भारत में विभिन्न दूरदराज की या अपनी मनपसंद जगहों को खोज सकते हैं। उन्हें सेव और शेयर कर सकते हैं।

Map My India 2

ऊपर दिए गए इस उदाहरण में “बास्केट” टाइप कर आपको गोदरेज नेचर्स बास्केट या बिग बास्केट जैसे नजदीकी विकल्प मिल सकते हैं। आप नतीजों के लिए मानचित्र का प्रिव्यू भी देख सकते हैं और अपनी चुनी गई मंजिल का रास्ता तलाश सकते हैं।

इस मानचित्र को ‘स्पीच टू टेक्सट’ (एसटीटी) की पावर से भी लैस किया गया है, जिसमें आपको इससे सिर्फ पूछना होता है और यह आपको तुरंत जवाब दे देता है। जैसे “हे मैप, मुझे नजदीकी रेस्टोरेंट या होटल दिखाओ” या “हे मैप, मैं कहां हूं” इससे आप यह खोज सकते हैं।

Map My India 3

मैप माई इंडिया का 6 अंकों का अल्फा न्यूमेरिक ईएलओसी (e-Loc) कोड किसी को भी किसी भी ऐप पर अपनी लोकेशन को शेयर करने की इजाजत देता है, जिसे किसी भी ब्राउजर या मैप माई इंडिया की ऐप या “हे मैप” की कीबोर्ड ऐप पर देखा जा सकता है।

इसे भी देखें: मोटोरोला की 44वीं एनिवर्सरी पर विडियो में सामने आया मोटो X 2017 स्मार्टफ़ोन?

इस मैप की विशेषता (यूएसपी) क्या है और यह दूसरे मानचित्रों से किस तरह अलग है:

यह सोल्यूशन किसी भी दूसरे मैप या बाजार में फिलहाल मौजूद दिशाओं की जानकारी प्रदान करने वाले दूसरे उपायों से कई तरीकों से अलग है। यह पूरी तरह स्थानीय मैप प्लैटफॉर्म है।

Map My India 4.

यह 6 अंकों के अल्फा न्यूमेरिक ईएलओसी (e-Loc) कोड से देश में किसी भी घर का पता बेहतरीन और सटीक ढंग से लगाने में सक्षम है, जबकि दूसरे मानचित्र किसी भी घर का सटीक पता न बताकर केवल किसी इलाके के पास-पड़ोस और उसके पास स्थित जगहों की जानकारी देते हैं।

Map My India 6

यह मोबाइल में केवल कुछ शब्द टाइप कर या भारतीय भाषाओं में बोलने से किसी भी जगह का सटीक और एकदम सही पता लगाने में सक्षम है। इसके अलावा इस मानचित्र में 6 अंकों के अल्फा न्यूमेरिक कोड ईएलओसी (e-Loc) कोड को शेयर और स्टोर करने करने की भी क्षमता है।

इसे भी देखें: वीडियोकॉन ने डिलाइट 11प्लस स्मार्टफोन उतारा, कीमत 5,800 रुपए

रेवेरी लेंग्वेज टेक्नॉलजीज के सह-संस्थापक और सीईओ अरविंद पाणि ने इस साझेदारी के अवसर पर कहा, “मैप माई इंडिया भारत में एकदम सही, सटीक और शुद्ध तरीके से डिजिटल मैप के इस्तेमाल में उपभोक्ताओं को सक्षम बनाने में सबसे आगे है। हालांकि भारत एक ऐसा देश है, जहां केवल 4 प्रतिशत भारतीय ही धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते हैं और हमारे देश में हर 40 किलोमीटर के बाद भाषा बदलती है। इसलिए दिशाओं और रास्तों की एकदम सही, सटीक और प्रभावी जानकारी उपभोक्ताओं को देने के लिए अलग-अलग भारतीय भाषाओं का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। हमें आशा है कि अपना व्यापार बढ़ाने के लिए विभिन्न कारोबारी, सरकार और भारतीय अपनी-अपनी भाषाओं में इसका विस्तृत रूप से प्रयोग करके वास्तविक और शानदार ढंग से बेहतरीन अनुभव हासिल करेंगे।”

Map My India 5

मैप माई इंडिया के कार्यकारी निदेशक और चीफ टेक्नॉलजी अफसर रोहन वर्मा ने इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हालांकि हमने भारत में डिजिटल मैपिंग 20 साल पहले शुरू की थी, लेकिन हम चाहते हैं कि भारत में डिजिटल मैप का लाभ सभी 125 करोड़ भारतीयों, 5 करोड़ से ज्यादा छोटे और बड़े कारोबारियों, 7 लाख से ज्यादा सरकारी संस्थाओं, ग्राम पंचायत, नगर निगम, जिले, राज्य और केंद्र को मिले। हम समूचे भारत के मानचित्र के आंकड़ों के संग्रह को विभिन्न भारतीय भाषाओं में तैयार कर और इसे मोबाइल और वेब प्लेटफॉर्म (http://maps.mapmyindia.com) और अपने नए हे मैप की बोर्ड और वॉयस असिस्टेंट के माध्यम से संपूर्ण फ्लैगशिप मैप ऐप से जोड़कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम हुए हैं, जिससे पूरी तरह स्थानीय “हे मैप” का इस्तेमाल कर किसी भी दूसरी ऐप या वेबसाइट में उपभोक्ताओं को मैप माई इंडिया के प्रयोग की इजाजत दी जाती है।”

Map My India 7

इसे भी देखें: भारत में LG G6 की प्री-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, जानें भारत में किस कीमत में पेश होगा ये स्मार्टफ़ोन

उन्होंने आगे कहा कि, “इस मानचित्र और हे मैप का इस्तेमाल कर उपभोक्ता किसी भी लोकेशन या घर का पता एकदम सही तरीके से लगाने में रोजाना अपना 30 प्रतिशत समय और पैसा बचा सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को सामान की डिलिवरी भी आसानी से करने में सहूलियत होती है। अगर आप टैक्सी से कहीं जा रहे हैं और आपको किसी घर का पता या लोकेशन पूरी तरह से मालूम नहीं है तो अल्फा न्यूमेरिक कोड (e-Loc) का इस्तेमाल कर नए क्रांतिकारी, देशव्यापी, डोर स्टेप लेवल डिजिटल एड्रेस सिस्टम से किसी भी कठिन पते को 6 अल्फान्यूमेरिक करैक्टर में बदला जा सकता है (जैसे, सी- 2/149ए, जनकपुरी, नई दिल्ली, साधारण तरीके आसान भाषा में 8 जीडीटीवाईएक्स में बदल जाता है) हमारा विश्वास है कि लाखों उपभोक्ता, ऐप डिवलेपर्स, व्यापारिक और सरकारी संस्थान इसे तेजी से अपनाएंगे, जो अपनी रोजाना की जिंदगी, कारोबारी और प्रबंधन की पहलों में सर्वोत्तम, सबसे स्थानीय, सबसे प्रभावी मानचित्र से लैस अनुभव की तलाश कर रहे हैं। हम वास्तविक रूप से मेड इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, बेस्ट फॉर इंडिया सोल्यूशन के लिए रेवेरी, जो अपनी तरह का सर्वोत्तम और अग्रणी संस्थान है के साथ साझेदारी कर काफी उत्साहित हैं।”

इसे भी देखें: 4000mAh क्षमता की बैटरी के साथ एचटीसी वन X10 स्मार्टफ़ोन हुआ पेश, अप्रैल के अंत से सेल के लिए होगा उपलब्ध

  • Published Date: April 18, 2017 5:00 PM IST