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NPCI 13 जुलाई को पेश कर सकती है UPI 2.0, पेमेंट ट्रांसफर लिमिट बढ़कर हो सकती है 2 लाख

स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन फीचर्स के जरिए, यूजर बैंक को उसके अकाउंट को अपने आप डेबिट करने के लिए आदेश दे सकता है।

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फॉर्मर RBI गवर्नर Raghuram Rajan ने भारत में कैशलैस पेमेंट प्लेटफॉर्म UPI(यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) को पेश किया था। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा ऑपरेट होने वाला यह इंटर-बैंक फंड ट्रांसफर प्लेटफॉर्म इंस्टैंट फंड ट्रांसफर के काम आता है। UPI का इस्तेमाल भारत में नोटबंदी के बाद से काफी बढ़ गया है। बल्कि पिछले महीने कुल 24 करोड़ 60 लाख पेमेंट ट्रांसफर रिकॉर्ड किये गए थे, जिसमें 40,834 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए थे। अब ये प्लेटफॉर्म अपग्रेड होने जा रहा है।

Inc42 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 13 जुलाई को UPI 2.0 के लॉन्च की उम्मीद की जा रही है। एक रिपोर्ट ET ने भी दी है, जिसके मुताबिक यह माना जा रहा है कि डेली ट्रांसफर लिमिट 1 लाख से बढ़कर 2 लाख हो सकती है। हालांकि अभी RBI ने इन सब बातों पर कोई टिप्प्णी नहीं की है। एक सीनियर बैंकर ने ET को बताया कि “जब तक RBI से किसी तरह के अप्रूवल नहीं आ जाते, स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन फीचर अप्रूव नहीं होंगे।”

स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन फीचर्स के जरिए, यूजर बैंक को उसके अकाउंट को अपने आप डेबिट करने के लिए आदेश दे सकता है, यह बिल्कुल ऐसे है जिस तरह म्यूच्यूअल फंड्स और लोन की पेमेंट ऑटो-डेबिट होती है। NPCI इस फीचर के जरिए इस तरह की रिपीट पेमेंट्स को मैनुअली ऑथराइज्ड करने की परेशानी से बचने के लिए ये फीचर पेश करने की सोच रही है।

अगर फीचर्स के बारे में बात करें तो, UPI 2.0 में पेमेंट्स रिक्वेस्ट के साथ इनवाइस जुड़े होने के लिए ओवर ड्राफ्ट फैसेलिटी भी हो सकती है। एक ‘ब्लॉक पेमेंट’ फीचर भी हो सकता है, जो यूजर IPO खरीदने, कैब राइड्स या ई-कॉमर्स डिलीवरी के लिए यूज कर सकते हैं।

  • Published Date: July 6, 2018 9:31 AM IST