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इस देश में बिना सरकार को पैसे दिए नहीं चला सकते फेसबुक-व्हॉट्सएप

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर टैक्स लगाने वाले इस फैसले को लोग अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला मान रहे हैं।

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युगांडा में फ्रीडम ऑफ स्पीच यानी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाम लगाने के लिए सोशल मीडिया पर नया टैक्स लगाया गया है। इस टैक्स के बाद वहां के यूजर्स में सरकार के इस फैसले के प्रति खासा आक्रोश है। सरकार ने नए टैक्स को रेवन्यू हासिल करने के लिए लगाया है, जिसे लेकर जनता में गुस्सा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर टैक्स लगाने वाले इस फैसले को लोग अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला मान रहे हैं। यूगांडा के जाने माने मानवाधिकार कार्यकर्ता लाडिसलउस रवाकफुउजी ने भी इस फैसले पर एतराज जताया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर कर अभिव्यक्ति की दबाने के लिए लगाया गया है, इसे लेकर लोगों में गुस्सा है।

युगांडा में सबसे पहले लंबे समय तक नेता रहे योवेरी मुसेवेनी ने सोशल मीडिया पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा था। योवेरी मुसेवेनी चाहते थे कि देश में फेसबुक जैसी सोशल साइटों पर कर  लगाया जाए ताकि धन जुटाया जा सके। इसके लिए उन्होंने वित्त मंत्री से गुजारिश भी की थी। उन्होंने  मार्च में ऑनलाइन गॉसिप की शिकायत की और वित्त मंत्री से ‘ इससे निपटने के लिए ’ कदम उठाने और इससे धन जुटाने का अनुरोध किया था।

व्हॉट्सएप और फेसबुक चलाने के लिए देना होगा पैसा
यूजर्स को  सामान्य डेटा शुल्क के अलावा  सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के लिए पैसा देगा होगा। यूजर्स को व्हाटसएप से लेकर ट्वीटर तक सब कुछ देखने के लिए रोजाना 5 सेंट का भुगतान करना होगा।

  • Published Date: July 2, 2018 6:42 PM IST
  • Updated Date: July 2, 2018 9:30 PM IST