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आपकी पेमेंट डिटेल को फेसबुक से शेयर करता है व्हाट्सएप!

व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी फेसबुक पहले ही यूजर्स के डाटा के दुरुपयोग को लेकर विवादों में घिरी हुई है

  • Published: April 11, 2018 9:36 AM IST
WhatsApp Pixabay feat

व्हाट्सएप ने हाल ही में भारत में अपने पेमेंट सर्विस के ट्रायल को पूरा किया है। व्हाट्सएप अपनी इस सर्विस के जरिए पियर टू पियर मनी ट्रांसफर को आसान बनाकर सरकार के डिजिटल पेमेंट इनीशिएटिव का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि वह अपनी पॉलिसी के तहत अपने यूजर्स के डाटा को अपनी पेरेंट कंपनी के साथ शेयर कर सकती है। व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी फेसबुक पहले ही यूजर्स के डाटा के दुरुपयोग को लेकर विवादों में घिरी हुई है। ऐसी रिपोर्ट है कि फेसबुक के यूजर्स के डाटा का इस्तेमाल अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया गया था।

व्हाट्सएप ने एक बयान में कहा,’हम अपने कस्टमर पेमेंट डेटा को अपनी पेरेंट कंपनी फेसबुक के साथ शेयर कर सकते हैं।’व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी के मुताबिक, ‘हम अपनी इंफॉर्मेशन को थर्ड पार्टी प्रोवाइडर्स से शेयर करते हैं। इसके पीछे हमारा मकसद अपनी पेमेंट सर्विस में सुधार करना है, जिससे लोगों के पेमेंट सर्विस के यूज करने के एक्सपीरियंस को सुधारा जासके। कंपनी पेमेंट सर्विस के लिए यूजर्स के मोबाइल फोन नंबर, रजिस्ट्रेशन इंफॉर्मेशन, डिवाइस आइडेंटिफियर्स, वीपीए (वर्चुअल पेमेंट एड्रेस), सेंडर यूपीआई पिन और पेमेंट अमाउंट जैसी कई जानकारियों को थर्ड पार्टी से शेयर करती है।

व्हाट्सएप को भारत में पेमेंट सर्विस शुरू करने के लिए एनपीसीआई से परमीशन मिली हुई है। एनपीसीई भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) प्लेटफॉर्म को ऑपरेट करती है। हालांकि भारत में व्हाट्सएप के अलावा उसकी राइवल कंपनी पेटीएम और फ्लिपकार्ट की पैरेंट कंपनी फोन पे की प्राइवेसी पॉलिसी भी है जिसमें साफ लिखा हुआ है कि वह अपने पेमेंट के डेटा को शेयर कर सकती हैं। व्हाट्सएप ने भारत में अभी पेमेंट सर्विस का ट्रॉयल कुछ चुनिंदा लोगों के जरिए किया था। हालांकि ऐसी उम्मीद है कि कंपनी जल्ह ही इसे सभी यूजर्स के लिए लेकर आएगी। भारत में व्हाट्सएप के 20 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं।

  • Published Date: April 11, 2018 9:36 AM IST