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रिलायंस जियो MNP के लिए पहली पसंद नहीं: रिपोर्ट

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए ग्राहक रिलायंस जियो के बारे में कम सोचते हैं।

  • Published: January 17, 2018 9:15 AM IST
Reliance-Jio

रिलायंस जियो सबसे सस्ते 4जी डाटा प्लान की पेशकश कर रहा है और इन प्लान में कई सुविधाएं फ्री हैं। इस कारण सितंबर 2016 में टेलीकॉम क्षेत्र में आने के बाद जियो ने 160 मिलियन से ज्यादा ग्राहक बनाए हैं। फिर भी, मुकेश अंबानी की स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनी पर जब भी मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की बात आती है तो ऑपरेटर इसे प्रेर्फेंस नहीं देते।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज द्वारा किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, ऑपरेटरों को बदलने वाले ग्राहकों की पसंदीदा कंपनी रिलायंस जियो नहीं थी। पिछले साल 2017 में अक्टूबर माह में 3.8 मिलियन ग्राहक दूसरी कंपनी को छोड़ जियो के नेटवर्क में शामिल हुए थे, जो कि कंपनी कुल यूजर्स की तुलना में काफी कम है।

ET की रिपोर्ट के अनुसार, अध्ययन के विश्लेषण के रूप में यह सामने आया है कि ग्राहकों के लिए जियो उनका प्राइमरी नंबर नहीं है और जियो के ज्यादातर ग्राहकों ने प्रतिद्वंद्वी ऑपरेटरों की सेवाओं का अतिरिक्त उपयोग करना जारी रखा है।

विश्लेषण में यह भी पता चला है कि जून के शुद्ध पोर्ट की स्पीड सितंबर 2016 और जून 2017 के बीच जून माह 2017 और अक्टूबर 2017 के बीच प्रति माह 0.1 मिलियन से बढ़कर लगभग 0.7 मिलियन हो गई।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मार्च 2017 के अंत तक जियो की सेवाएं फ्री थीं और ग्राहकों को वास्तव में इसके लिए परेशान होने की जरुरत भी नहीं थी। एक बार जब जियो ने अप्रैल 2017 में चार्ज करना शुरू कर दिया, तो ग्राहक को जियो और उसके सामने मौजूद दूसरी कंपनियों के बीच चुनने की आसानी हो गई।

इस बीच, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़े बताते हैं कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी से भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया, आइडिया सेल्युलर, और जियो एकमात्र शुद्ध लाभांश थे। आइडिया 25 मिलियन शुद्ध लाभ के साथ सबसे ऊपर है, उसके बाद क्रमशः वोडाफोन और एयरटेल के साथ क्रमशः 1 9 .4 मिलियन और 18.4 मिलियन। रिलायंस कम्युनिकेशंस के 21.5 मिलियन उपभोक्ता, टाटा टेलीसर्विसेज से 15 मिलियन, एयरसेल से 13.1 मिलियन और टेलीनॉर से 6.6 मिलियन सहित दूसरे 66.6 मिलियन ग्राहक खो गए।

  • Published Date: January 17, 2018 9:15 AM IST