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Facebook, Google, Twitter और अन्य मीडिया संस्थान फेक न्यूज़ से लड़ने के लिए ‘The Trust Project’ से जुड़े

क्या फेक न्यूज़ से आने वाले समय में हमें छुटकारा मिल सकता है?

  • Published: November 17, 2017 5:00 PM IST
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फेक समाचारों से लड़ने और पाठकों को विश्वसनीय समाचार स्रोतों की पहचान करवाने के लिए फेसबुक, गूगल, ट्विटर और कई अन्य मीडिया संस्थान ‘The Trust Project’ के साथ जुड़ गए हैं। यह प्रोजेक्ट Santa Clara विश्वविद्यालय के Markkula Centre for Applied Ethics के अवार्ड विजेता पत्रकार Sally Lehrman द्वारा चलाया जा रहा है। इसके लिए 17 नवंबर से, एक आइकन फेसबुक न्यूज़ फीड में लेख के बगल में दिखाई देगा।

जब आप आइकन पर क्लिक करते हैं, तो आप संगठनों के नैतिकता और अन्य मानकों, पत्रकारों की पृष्ठभूमि, और वे अपने काम कैसे करते हैं, पर जानकारी पढ़ सकते हैं। इसे भी देखें: शाओमी Redmi Note 5 के लीक में सामने आई नई इमेज

इसके अलावा आपको बता दें कि इस विश्वविद्यालय ने अपनी एक स्टेटमेंट में कहा है कि, “दर्जनों समाचार साइटों का प्रतिनिधित्व करने वाली अग्रणी मीडिया कंपनियां ‘ट्रस्ट इंडिकेटर्स’ को प्रदर्शित करना शुरू कर चुकी हैं। 75 से अधिक समाचार संगठनों के नेताओं द्वारा बनाई गई ये संकेतक यह भी दिखाते हैं कि किस प्रकार की जानकारी लोग “समाचार, राय, विश्लेषण या विज्ञापन पढ़ रहे हैं।”

प्रत्येक संकेतक लेख और साइट कोड में संकेत दिया जाता है, पत्रकारों के काम के पीछे गुणवत्ता और विशेषज्ञता के बारे में समाचार साइटों से अधिक जानने के लिए प्लेटफार्मों के लिए पहली मानकीकृत तकनीकी भाषा प्रदान की जाती हैं। इसे भी देखें: क्या आप जानते हैं Oneplus 5T की इन सबसे ख़ास बातों को…

इसके अलावा विश्वविद्यालय ने यह भी कहा है कि, “”गूगल, फेसबुक, बिंग और ट्विटर सभी ने संकेतकों का उपयोग करने के लिए सहमत हो गए हैं और वह पत्रकारिता की सतह को प्रदर्शित करने और उसे कैसे उपयोग किया जाये इसके सर्वोत्तम तरीकों की जांच कर रहे हैं।” इसे भी देखें: Intel और Apple मिलकर आगामी iPhones मॉडल्स के लिए डिजाईन करेंगे 5G Modem?

आपको बता दें कि इसके अलावा Lehrman ने कहा है कि, “एक संदेहास्पद जनता एक समाचार कथा के पीछे विशेषज्ञता, उद्यम और नैतिकता को जानना चाहती है। ट्रस्ट संकेतक लोगों के हाथों में उपकरण डालते हैं, उन्हें यह आंकलन करने की आज़ादी देते हैं कि समाचार विश्वसनीय स्रोत से आता है, जिन पर वे निर्भर कर सकते हैं।”

  • Published Date: November 17, 2017 5:00 PM IST