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गूगल ने डूडल बना कर नोबेल पुरस्कार विजेता Har Gobind Khorana को किया याद

आज गूगल ने अपने डूडल से Dr. Khorana को उनके 96वीं बर्थ एनिवर्सरी पर याद किया है।

  • Published: January 9, 2018 9:07 AM IST
Google doodle-Har Gobind Khorana

Har Gobind Khorana भारतीय अमेरिकी biochemist थे, जिन्होंने 1968 में Marshall W. Nirenberg और Robert W के साथ फिजियोलॉजी या मेडिसिन के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इन्होंने इस बात को सबके सामने रखा था कि nucleic acids के nucleotides का क्रम किस प्रकार का है। Dr Khorana और Dr Nirenberg को एक ही वर्ष में कोलंबिया विश्वविद्यालय से Louisa Gross Horwitz पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। वहीं, आज गूगल ने अपने डूडल बनाकर Dr. Khorana को उनके 96वीं बर्थ एनिवर्सरी पर याद किया है।

रायपुर में जन्मे, ब्रिटिश भारतीय (अब पाकिस्तान में कबीरवाला) थे। उन्होंने 1952 से लेकर 1960 में ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय में faculty के तौर पर काम किया था, जहां उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता का काम करना शुरू किया था। वहीं, साल 1966 में US के एक नागरिक बन गए थे और बाद में उन्हें नेशनल मेडल ऑफ साइंस भी मिला था।

वहीं, 1950 में यह स्थापित किया गया था कि genetic इंफॉर्मेशन को DNA से RNA में प्रोटीन के लिए ट्रांसफर किया जाता है। DNA में तीन nucleotides के प्रोटीन के अंदर amino एसिड के अनुरूप होता है। वहीं, इस genetic कोड को कैसे क्रैक किया जा सकता है? Marshall Nirenberg की पहेली के पहले टुकड़े की खोज के बाद, कोड के बारे में बाद के सालों में पता लगाया गया।

Har Gobind Khorana ने enzymes की मदद से विभिन्न RNA चेंस के निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन enzymes का उपयोग करके वह प्रोटीन को प्रड्यूज करने में सक्षम रहे थे। इन प्रोटीनों के amino एसिड ने इस पहेली का हल निकाल दिया था।

  • Published Date: January 9, 2018 9:07 AM IST