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महान शायर मिर्जा गालिब की 220वीं जयंति पर गूगल ने बनाया डूडल

उर्दू भाषा के महान शायर रहे मिर्जा गालिब की शायरी को आज पूरी दुनिया में अलग-अलग भाषाओं में ट्रांसलेट किया जा रहा है।

  • Published: December 27, 2017 8:46 AM IST
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गूगल हमेशा किसी खास दिन या किसी खास व्यक्ति की जयंति पर अपना डूडल बनाता है। आज जिस खास शख्स के लिए डूडल बनाया गया है उन्हें किसी परिचय की जरुरत नहीं है। हम बात कर रहे हैं उर्दू के महान शायर मिर्जा गालिब की। आज मिर्जा गालिब का 220वां जन्मदिवस है, जिसे सेलिब्रेट करते हुए गूगल ने अपने ही अंदाज में डूडल बनाया है।

गूगूल के डूडल में गालिब के हाथ में पेन और पेपर के साथ दिखाई दे रहा है। वहीं, बैकग्राउंड में इमारत बनी हैं जो मुगलकालीन वास्तुकला को दर्शा रही हैं। उर्दू के महान शायर मिर्जा गालिब पूरा नाम मिर्जा असल-उल्लाह बेग खां था। गालिब का जन्म 27 दिसंबर 1797 को मुगल शासक बहादुर शाह के शासनकाल के दौरान आगरा में एक सैन्य परिवार में हुआ था। उन्होंने फारसी, उर्दू और अरबी भाषा की पढ़ाई की थी। लेकिन, आज मिर्जा गालिब अपनी उर्दू शायरी और गजल को लेकर ज्यादा फेमस हैं।

छोटी उम्र में ही ग़ालिब से पिता का सहारा छूट गया था, जिसके बाद उनके चाचा ने उन्हें पाला, लेकिन उनका साथ भी लंबे वक्त का नहीं रहा। बाद में उनकी परवरिश नाना-नानी ने की। मिर्जा गालिब का निकाह महज 13 वर्ष की उम्र में उमराव बेगम से हो गया थी। शादी के बाद ही वह दिल्ली आए और उन्होंने पूरी जिंदगी यहां बिताई।

मुगल काल के अंतिम महान शायर के रूप में आज भी मिर्जा गालिब को याद किया जाता है। उनकी कविता और गजलों का अनुवाद और दुनिया भर में कई भाषाओं में किया जाता है। 1850 में उन्हें मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर द्वितीय द्वारा दबीर-उल-मुल्क के पद से सम्मानित किया गया था। मुगल साम्राज्य के अंतिम वर्षों के दौरान, मिर्जा गालिब केवल मुगल दरबार का एक महत्वपूर्ण सदस्य नहीं थे, बल्कि सम्राट के सबसे बड़े पुत्र, प्रिंस फख्र-उद दीन मिर्जा के कवि शिक्षक भी थे। सम्राट ने उन्हें मुगल दरबार के शाही इतिहासकार के रूप में भी नियुक्त किया।

मिर्जा गालिब की मृत्यु 15 फरवरी 1896 को दिल्ली में हुई थी। इसके बाद पुरानी दिल्ली में जहां वह रहते थे उस घर को “गालिब मेमोरियल” में बदल दिया गया। इस घर को अब “गालिब की हवेली” के रूप में जाना जाता है, यह स्थायी रूप से गालिब के प्रदर्शनियों को मजबूती देती है।

  • Published Date: December 27, 2017 8:46 AM IST