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क्या इस इंटरनेट स्पीड के दम पर डिजिटल इंडिया के सपने को पूरा कर पाएगा भारत

4G के बाद देश में 5G की चर्चा हो रही है। लेकिन, क्या हमें इंटरनेट स्पीड की ओर ध्यान देने की जुरुरत नहीं?

  • Published: December 12, 2017 4:57 PM IST
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भारत में खराब इंटरनेट स्पीड को लेकर कई बार खबरें सामने आती रहती हैं। इसी को ध्यान देते हुए हाल ही में गूगल ने भारत में गूगल फॉर इवेंट के दौरान Google Go एप की घोषणा की है। इस एप से सस्ते और एंट्री लेवल स्मार्टफोन पर भी नेट तेजी से चलेगा। लेकिन, इन सबके बाद भी हाल ही में जो रिपोर्ट सामने आई है उससे भारत में इंटरनेट की स्पीड चिंता का विषय बन गया है।

सस्ते टैरिफ प्लान

एक तरफ देश में 4G इंटरनेट को बढ़ावा देने के लिए जियो, एयरटेल और वोडाफोन अपने प्लान में कटौती कर रही हैं। लेकिन, कम कीमत में प्लान उपलब्ध कराने से क्या होगा जब भारत में इंटरनेट की स्पीड ही स्लो होगी। हाल ही में ओकला द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में नवंबर स्पीड टेस्ट ग्लोबल इंडेक्स के अनुसार मोबाइल इंटरनेट स्पीड के मामले में भारत की रैंकिंग 109 है। इस लिस्ट में नॉर्वे टॉप पर है। अगर मोबाइल से अलग हटकर हम ब्रॉडबैंड स्पीड की बात करें तो इस जगह भारत की ग्लोबल रैंकिंग 76 है।

इंटरनेट स्पीड

इंटरनेट स्पीड की रिपोर्ट सामने आने के बाद क्या हम डिजिटल इंडिया के माध्यम से देश की मेट्रो सिटी के साथ-साथ गांव-गांव तक नेट के सहारे सारी सुविधाओं को पहुंचा पाएंगे। अगर हमें ऐसा करना है, तो इंटरनेट की स्पीड हमारे लिए पहला और अहम प्वाइंट होना चाहिए। अगर बात करें इस साल की शुरुआत की तो भारत में मोबाइल डाउनलोड स्पीड 7.65 एमबीपीएस थी, जो इस साल नंबबर में बढ़कर 8.80 एमबीपीएस हो गई। स्पीड में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, लेकिन क्या भारत के गांव में मौजूद लोगों को डिजिटल करने के लिए यह स्पीड फाफी है?

अगर हम बात करें इंटरनेट स्पीड की तो दुनिया में इस पर काम किया जा रहा है। दुनिया के कई हिस्सों में तरह-तरह के प्रयोग कर इंटरनेट की स्पीड को तेज करने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच भारत में इंटरनेट की स्पीड का रिजल्ट सामने आना काफी चिंताजनक है। हमें इस ओर जल्द ही ध्यान देना होगा।

नॉर्वे प्रथम स्थान पर

जानकारी के अनुसार साल 2017 की शुरुआत में भारत में एवरेज मोबाइल डाउनलोड स्पीड 7.65Mbps थी, जो कि नवंबर तक 8.80Mbps पर पहुंच गया। अगर मोबाइल इंटरनेट स्पीड से हटकर हम ब्रॉडबैंड की ओर देखें तो यह बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस मामले में भारत की रैंकिंग भी अच्छी है। जनवरी में फिक्स्ड डाउनलोड स्पीड 12.12Mbps थी, जो नवंबर में बढ़कर 18.82Mbps हो गई।

अगर बात करें मोबाइल इंटरनेट स्पीड की तो नवंबर में दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल स्पीड नॉर्वे में दर्ज की गई, जो 62.66Mbps रही। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में सिंगापुर सबसे आगे रहा, जहां 153.85Mbps की एवरेज डाउनलोड स्पीड दर्ज की गई।

डाटा ट्रांसफर में बना रिकॉर्ड

आज से लगभग तीन साल पहले डेनमार्क के वैज्ञानिकों ने डाटा ट्रांसफर की सबसे तेज गति हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन, भारत में सवाल डाटा ट्रांसफर की स्पीड से पहले इंटरनेट की स्पीड का है। आज से 22 साल पहले 15 अगस्त के दिन भारत में इंटरनेट आया था। जब से अब तक इंटरनेट की दुनिया को काफी बदलते हुए देखा गया है। इस के बाद भी भारत में इंटरनेट की गति काफी कम है। अगर सरल शब्दों में कहें तो अगर हम इंटरनेट के बेस पर तरक्की करना चाहते हैं तो हमारे लिए स्पीड एक बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है।

भारतनेट परियोजना

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच के लिए भारतनेट परियोजना मिशन का लक्ष्य सभी 2.50 लाख ग्राम पंचायतों को कनेक्ट करना है, जहां 60 करोड़ से अधिक ग्रामीण आबादी रहती है। भारत नेट परियोजना को पूर्व में ‘नेशनल आप्टिकल फाइबर नेटवर्क’ के नाम जाना जाता था। इस परियोजना को अक्टूबर 2011 में मंजूरी दी गई थी। लेकिन, भारत में इंटरनेट के लिए जरुरी बुनियादी ढांचा इतना कमजोर है कि अच्छी स्पीड मिलना काफी दूर की बात लगती है।

भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत देश की हर पंचायत को इंटरनेट से जोड़ने के बारे में सरकार कोशिश कर रही है उसके लिए पहले इंटरनेट की स्पीड पर काम करना होगा। सिर्फ इंटरनेट से केक्ट कराने का क्या मतलब जब स्पीड के मामले में हम कहीं नहीं टिकते। भारत नेट के आरंभ के समय अक्टूबर 2013 लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, मार्च 2013 तक सिर्फ पायलट प्रोजेक्ट शुरु हो पाए। इसके बाद बाद मोदी सरकार ने 2018 नई टाइमलाइन रखी वहीं, फिर इसे बढ़ाकर 2019 कर दिया गया है।

इंटरनेट का इस्तेमाल

आज के समय में इंटरनेट का का इस्तेमाल सिर्फ सर्फिंग, मेल भेजने व चैटिंग करने तक नहीं रह गया है। इंटरनेट के जरिए आज ऑनलाइन पढ़ाई तक की जा रही है और ऐसे कई हजारों काम हैं जो आज इंटरनेट के माध्यम से किए जा रहे हैं। इंटरनेट पर लगातार लोग इस्तेमाल कर रहे हैं और इसमें बढ़ोतरी की जा रही है। विदेशों में इंटरनेट की स्पीड पर काम किया जा रहा है। वहीं, भारत की इंटरनेट स्पीड को लेकर हमें काफी सोचने की जरुरत नहीं है।

  • Published Date: December 12, 2017 4:57 PM IST