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इस emoji को लेकर व्हाट्सएप को मिला लीगल नोटिस

व्हाट्सएप को इस emoji को हटाने के लिए 15 दिन का समय मिला है।

  • Published: December 27, 2017 2:45 PM IST
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आज के समय में मैसेज में बात करना फोन पर बात करने से आसान और समय की बचत का एक बेहतर ऑप्शन बन है। इसी के चलते आज के समय में मोबाइल फोन उपभोक्ता चैट करते समय शब्दों के साथ-साथ अपने व्यवाहर को दर्शाने के लिए emoji का सहारा लेते हैं। लेकिन, लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर मौजूद एक emoji को लेकर कंपनी को लीगल नोटिस मिला है।

न्यूज एजेंसी IANS की खबर के अनुसार गुरमीत सिंह नाम के एक एडवोकेट ने मोबइल मैसेजिंग एप व्हाट्सएप को 15 दिन में मिडल फिंगर वाली emoji हटाने के लिए लीगल नोटिस भेजा है। गुरमीत सिंह दिल्ली कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं। उनका कहना है कि मिडल फिंगर emoji गैरकानूनी ही नहीं है, बल्कि अश्लील इशारा करती है जो कि भारत में अपराध है।

व्हाट्सएप को भेजे गए नोटिस में गुरमित सिंह का कहना है कि मिडल फिंगर दिखाना अश्लील और गलत इशारा है। भारतीय दंड संहिता धारा 354 और 509 के अनुसार, महिलाओं को अश्लील, अशिष्ट, आक्रामक इशारे दिखाना एक अपराध है। किसी भी व्यक्ति द्वारा एक अश्लील, आक्रामक, अश्लील इशारे का उपयोग करना पूरी तरह से अवैध है। इसी कराण वकील गुरमीत सिंह ने वॉट्सएप से इस emoji को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है।

बता दें कि हाल ही में आई खबर के अनुसार इंस्टेंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर को और अधिकार देने की योजना बना रहा है। इस अधिकार के बाद ग्रुप एडमिन चाहे, तो वह ग्रुप के सदस्यों को ग्रुप में संदेश, फोटो, वीडियो, जीआईएफ, फाइल और वॉयस मैसेजेज पोस्ट करने से रोक सकेगा। WeBetaInfo के मुताबिक, व्हाट्सएप ने गूगल प्ले बीटा प्रोग्राम पर वर्शन 2.17.430 में ‘प्रतिबंधित समूह’ फीचर्स दिया है।

इस सेटिंग को केवल ग्रुप एडमिन ही ठीक कर पाएगा। इसके बाद एडमिन तो ग्रुप में सामान्य तरीके से फोटो, वीडियो, चैट और अन्य चीजें भेज सकते हैं, लेकिन अन्य सदस्यों को ऐसा करने से रोक सकते हैं। इस फीचर को पहली बार एंड्राइड पर देखा गया है। एक बार अगर नॉन-एडमिन यूजर के लिए चैट डिसेबल हो गई तो वह फिर ग्रुप में आने वाले मैसेज सिर्फ पढ़ पाएगा।

  • Published Date: December 27, 2017 2:45 PM IST