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CES 2018: दुनिया का पहला इन-स्क्रीन फिंगरप्रिंट सेंसर से लैस स्मार्टफोन 10 जनवरी को किया जा सकता है पेश

Vivo दुनिया का पहला इन-स्क्रीन डिस्प्ले वाला स्मार्टफोन CES 2018 में 10 जनवरी को कर सकता है। हालाँकि इसे महज पश्चिमी देशों के अलावा US में भी ख़रीदा जा सकने वाला है।

  • Updated: January 9, 2018 8:34 AM IST
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आज से महज एक दिन बाद या कल दुनिया का पहला इन-स्क्रीन फिंगरप्रिंट सेंसर वाला स्मार्टफोन किया जा सकता है पेश। ऐसा कहा जा रहा है कि इस स्मार्टफोन को 10 जनवरी को पेश किया जाने वाला है।

हालाँकि दुर्भाग्य की बात यह है कि आप इस फोन को महज US या महज पश्चिमी देशों में ही खरीद सकते हैं। जैसा कि हम सभी जानते ही हैं कि इस स्मार्टफोन का निर्माण Vivo के द्वारा किया जाने वाला है, और ऐसा भी माना जा रहा है कि कंपनी इस स्मार्टफोन को CES 2018 में पेश कर सकती है। अगर इस तरह की टेक्नोलॉजी बाजार में आती है तो इसे एक मील के पत्थर की तरह ही देखना चाहिए। आप इस तकनीकी को करीब से इस इवेंट के दौरान ही देख सकते हैं।

विवो चीन में एक बड़ा नाम है, और यह BBK इलेक्रॉन निक की एक पैरेंट कंपनी है। इसके अलावा आपको बता दें कि इसी कंपनी ने Oppo और OnePlus को भी अपने कब्जे में लिया हुआ है। हालाँकि इन तीनों कंपनियों ने से विवो सबसे छोटी कंपनी कही जा सकती है।

अगर हम अंडर—डिस्प्ले तकनीकी की चर्चा करें तो यह वैसा वही चिप है जिसे अभी कुछ दिनों पहले देखा गया था। इस चिप का मॉडल नेम ID FS9500 और इसे 18:9 आस्पेक्ट रेश्यो वाले फोंस के साथ साथ 20:9 आस्पेक्ट रेश्यो के साथ आने वाले फोंस के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला है।

यह नया स्क्रीन सेंसर एक छोटा CMOS डिवाइस होगा, जिसे AMOLED स्क्रीन के नीचे लगाया जाने वाला है। अब सवाल उठता है कि आखिर यह कैसे काम करने वाला है, इसके लिए आपको अभी के लिए बता देते है कि यह आपके फिंगर के रिफ्लेकशन को स्कैन करने की क्षमता रखता है। और यह ऐसा ही कुछ करने वाला भी है। हालाँकि इस रिफ्लेकशन के लिए, स्क्रीन का एक पार्ट लाइट अप होता रहेगा। और इसके बाद ही AMOLED पिक्सेल के बीच यह फिंगर रीडर इसे कैप्चर करेगा। इस साड़ी प्रणाली में एक बिल्ट-इन-असेलेरोमीटर का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य सेंसर भी लगाए गए हैं, ताकि फिंगर रीडर को एक्टिवेट किया जा सके, और उस स्थान को भी लाइट अप किया जा सके, जो डिस्प्ले में मौजूद है।

इस सारी प्रणाली को होने में महज 0.7 सेकंड का समय लगने वाला है। हालाँकि यह 0.2 सेकंड जितना तेज नहीं है, जिसकी चर्चा आजकल बड़े पैमाने पर की जा रही है। हालाँकि यह आम फेस रिकग्निशन फीचर के 1.4 सेकंड से तो काफी तेज कहा जा सकता है। आपको यह भी बता दें कि यह ID SF9500 सेंसर अपने आप में महज 0.69mm थिक है, और इसके द्वारा स्मार्टफोन की मोटाई पर कोई भी असर नहीं पड़ने वाला है।

  • Published Date: January 9, 2018 8:33 AM IST
  • Updated Date: January 9, 2018 8:34 AM IST