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भारत में डेढ़ लाख ऑनलाइन लेनदेन का ब्यौरा हो जाता है लीक

सूत्रो ने बताया कि राय ने डाटा लीक होने की प्रमुख वजह फिशिंग हमले, रैनसमवेयर के हमले और आईपी अड्रेस के साथ छेड़छाड़ किया जाना बताया।

  • Published: February 14, 2018 9:00 PM IST
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देशभर में रोजाना होने वाले कुल 230 करोड़ ऑनलाइन लेनदेन में से करीब डेढ़ लाख का ब्यौरा लीक हो जाता है। आधिकारिक सूत्रों ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक गुलशन राय के एक प्रस्तुतीकरण के हवाले से कहा है, ‘‘ सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रियों के सम्मेलन में बताया गया कि देश में रोजाना करीब 230 करोड़ ई-लेनदेन होते हैं और इनमें से डेढ़ लाख का डाटा लीक हो जाता है।’’

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद की अध्यक्षता में हुए राज्यों के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रियों के सम्मेलन में राय ने यह प्रस्तुतीकरण दिया। सूत्रो ने बताया कि राय ने डाटा लीक होने की प्रमुख वजह फिशिंग हमले, रैनसमवेयर के हमले और आईपी अड्रेस के साथ छेड़छाड़ किया जाना बताया।

बता दें कि देश-दुनिया में ‘वैलेंटाइन डे’ की तैयारियों के बीच उद्योग मण्डल ‘एसोचैम‘ के ताजा सर्वे के मुताबिक अब बड़े शहरों के अविवाहित युवा अपने दिलबर की तलाश के लिये मोबाइल डेटिंग एप्लीकेशन और सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं।

एसोचैम की सोशल मीडिया शाखा ने एक जनवरी से 10 फरवरी के बीच देश के 10 बड़े नगरों मुम्बई, कोलकाता, दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, अहमदाबाद, बेंगलूरू, चंडीगढ़, चेन्नई, हैदराबाद और इंदौर में 20 से 30 वर्ष आयु के 1500 लोगों के बीच सर्वे किया। इनमें से 55 प्रतिशत लोगों ने माना कि उन्होंने डेटिंग, अर्थपूर्ण रिश्ते बढ़ाने और परम्परागत रवायतों से बाहर निकलकर सम्पर्क बढ़ाने के लिये डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया है।

  • Published Date: February 14, 2018 9:00 PM IST