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केवल 500 रुपए में मिल रही है आधार कार्ड की निजी जानकरी: रिपोर्ट

व्हाट्सएप के प्रतिबंधित डाटा के बाद अब आधार की निजी जानकारी कराई जा रही है मुहैया।

  • Published: January 4, 2018 11:06 AM IST
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केंद्र सरकार आधार कार्ड पर हर निजी विवरण को जोड़ने और महत्व की आवश्यकता के लिए आगे बढ़ रही है, लेकिन कमजोर UIDAI सिक्योरिटी के कारण नागरिकों की निजी जानकारी खतरे में आ गई है। सामने आई कई रिपोर्ट्स के अनुसार आधार विवरण सेल किया जा रहा है।

The Tribune के मुताबिक, व्हाट्सएप पर गुमनाम विक्रेता भारत में बनाई गई 1 अरब से अधिक आधार संख्या के विवरण के लिए अप्रतिबंधित पहुंच प्रदान कर रहे हैं। कथित तौर पर, पेटीएम पर केवल 500 रुपये के आदान प्रदान के लिए, “agents” एक “gateway” बनाते हैं और फिर लॉगिन आईडी और पासवर्ड पास करते हैं। जिसके बाद आप पोर्टल में कोई आधार संख्या दर्ज कर सकते हैं और तुरन्त सभी विवरण प्राप्त कर सकते हैं जैसे कि UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) को दिया गया किसी व्यक्ति का नाम, पता, पोस्टल कोड (पिन), फोटो, फोन नंबर और ईमेल आदि।

प्रकाशन ने 300 रुपये के भुगतान के साथ इस तरह के रैकेट की घटना की पुष्टि की, जिसके लिए एजेंट ने “सॉफ्टवेयर” प्रदान किया, जो कि किसी भी व्यक्ति की आधार संख्या में प्रवेश करने के बाद आधार कार्ड की प्रिंटिंग की सुविधा प्रदान कर सके। जाहिर है, हैकर्स ने राजस्थान सरकार की वेबसाइट तक पहुंच हासिल कर ली है, जैसा कि “सॉफ्टवेयर” aadhaar.rajasthan.gov.in तक एक्सेस प्रदान किया गया है, जिसके माध्यम से कोई भी भारतीय नागरिकों के आधार कार्ड का उपयोग और प्रिंट कर सकता है। हालांकि, यह पता नहीं लगाया जा सकता कि क्या पोर्टल सही मायने में राजस्थान का था या इसका इस्तेमाल केवल गुमराह करने के लिए किया गया था।

UIDAI रीजनल सेंटर, चंडीगढ़ के एडिशनल डायरेक्टर जनरल संजय जिंदल ने रिपोर्ट में कहा, कि ‘डायरेक्टर जनरल और मुझे छोड़कर, पंजाब में कोई तीसरा व्यक्ति हमारे आधिकारिक पोर्टल तक लॉगिन नहीं होना चाहिए। किसी और के पास एक्सेस होना गैरकानूनी है और यह एक प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा उल्लंघन है।’

पहले स्तर की जांच के अनुसार, यह रैकेट छह महीने पहले शुरू हुआ था, जब कुछ अनाम ग्रुप व्हाट्सएप पर बनाए गए थे। “इन समूहों ने भारत भर में Common Service Centres Scheme (CSCS) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (ME&IT) द्वारा 3 लाख ग्राम स्तर के उद्यम (VLE) ऑपरेटरों को नियुक्त किया है, जो उन्हें UIDAI डाटा तक पहुंच प्रदान कराते हैं।” जिंदल ने कहा कि सभी UIDAI द्वारा तकनीकी जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकती है।

  • Published Date: January 4, 2018 11:06 AM IST