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वोडाफोन ने अदालत से कहा, वह दोनों मध्यस्थता कार्यवाही को एक साथ करने पर राजी

वोडाफोन ने कहा कि वह दोनों अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रक्रिया को एक साथ करने को लेकर सहमत है।

  • Published: January 9, 2018 9:00 PM IST
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वोडाफोन ग्रुप ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष कहा कि वह दोनों अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रक्रिया को एक साथ करने को लेकर सहमत है। कंपनी ने 2012 के पूर्व की तिथि से कानून के तहत 11,000 करोड़ रुपये की कर मांग के संदर्भ में भारत के खिलाफ दोनों मध्यस्थता कार्यवाही शुरू की है।

कंपनी ने कर मांग को लेकर भारत-ब्रिटेन और भारत-नीदरलैंड द्विपक्षीय निवेश संरक्षण समझौता (बीआईपीए) के तहत मध्यस्थता कार्यवाही शुरू की। यह कर मांग हच्चिसन टेलीकाम में हिस्सेदारी अधिग्रहण को लेकर 11 अरब डालर के सौदे से जुड़ी है।

दूरसंचार कंपनी के वकील हरीश साल्वे ने न्यायाधीश मनमोहन से कहा कि अगर भारत सहमत होता है तो वह भारत-ब्रिटेन बीआईपीए के तहत दूसरे न्यायाधिकरण से दोनों कार्यवाही को एक साथ करने को कहेगा। साल्वे ने कहा कि यह भारत की उस दलील को लेकर कंपनी का बचाव है कि अलग-अलग बीआईपीए के तहत दो कार्यवाही कानून की प्रक्रिया का दुरूपयोग है।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि चूंकि उच्चतम न्यायालय ने भारत-ब्रिटेन बीआईपीए के तहत दूसरे मध्यस्थता में पीठासीन मध्यस्थ की नियुक्ति की अनुमति दे दी है, ऐसे में कार्यवाही के विरोध को लेकर केंद्र सरकार के अभियोजन का कोई मतलब नहीं है।

इससे पहले, केंद्र ने अपनी दलील में कहा था कि कर मांग का मामला बीआईपीए के अंतर्गत उपलब्धता मध्यस्थता के दायरे से बाहर है। इसका कारण कर एक संप्रभु कार्य है और इसके खिलाफ केवल संबंधित देश की अदालत में ही विरोध किया जा सकता है।

  • Published Date: January 9, 2018 9:00 PM IST