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इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये इसरो की लिथियम-आयन बैटरी के वाणिज्यिक उपयोग के पक्ष में समिति

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये इसरो की लिथियम-आयन बैटरी प्रौद्योगिकी के वाणिज्यिक उपयोग की सिफारिश की गई है।

  • Published: January 22, 2018 11:00 PM IST
Electric Bus

मंत्रिमंडल सचिव पी के सिन्हा की अध्यक्षता वाली एक समिति ने ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये इसरो द्वारा विकसित की गयी लिथियम-आयन बैटरी प्रौद्योगिकी के वाणिज्यिक उपयोग की सिफारिश की है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सचिवों की समिति ने यह भी सिफारिश की है बिजली मंत्रालय को वाहनों के लिए बैटरी चार्जिंग सुविधा के बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग तथा अन्य संबंधित इकाइयों के साथ विचार-विमर्श कर जरूरी बिजली शुल्क और चार्जिंग सुविधा के इस्तेमाल की छूट के बारे में नीति तय करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई भाषा से कहा कि समिति ने शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों के उपयोग को बढ़ाने की रणनीति तैयार की है ताकि तेल अयात पर निर्भरता कम हो और आसपास की हवा की गुणवत्ता में सुधार हो।

सूत्रों के अनुसार समिति ने सलाह दी है कि अंतरिक्ष अनुसंधार संगठन (इसरो) अंतरिक्ष आयोग तथा अन्य प्राधिकरणों से मंजूरी के बाद लिथियम-आयन बैटरी के मेक इन इंडिया शर्त के साथ इसके वाणिज्यिकरण के लिये संबंधित प्रौद्योगिकी बिना किसी भेदभाव के रूचि रखने वाले पक्षों को हस्तांतरित करने पर विचार कर सकता है। पिछले वर्ष अक्तूबर में नीति आयोग के सदस्य वी के सारस्वत ने कहा था कि भारत को इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी बाजार में वैश्विक इकाई बनने के लिये लिथियम-आयन बैटरी विनिर्माण संयंत्र लगाने होंगे।

फिलहाल भारत में वाणिज्यिक उपयोग के लिये लिथियम आयन बैटरी का विनिर्माण नहीं होता और देश इसके लिये जापान या चीन पर आश्रित है। वाहनों के प्रदूषण पर अंकुश लगाने तथा सालाना सात लाख करोड़ रुपये के कच्चे तेल आयात बिल में कमी लाने के लिये सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ वैकल्पिक ईंधन पर वाहनों को चलाने पर जोर दे रही है। नीति आयोग ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों पर दृष्टिकोण पत्र जारी किया है।

वाहनों में शून्य उत्सर्जन तथा संबद्ध प्रौद्योगिकी पर विचार के लिये समिति की आठ जनवरी को बैठक हुई। इसमें नौ विभागों के सचिव, नीति आयोग के सीईओ, अंतरिक्ष विभाग तथा मंत्रिमंडल सचिव के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

  • Published Date: January 22, 2018 11:00 PM IST