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FBI ने विफल किया रूस का साइबर अटैक, यूक्रेन को बनाया गया था निशाना

डिजिटल जगत में खलबली मचाने वाले  रूस के अभियान को एफबीआई ने विफल कर दिया।

  • Updated: May 24, 2018 7:03 PM IST
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डिजिटल जगत में खलबली मचाने वाले  रूस के अभियान को एफबीआई ने विफल कर दिया। इस अभियान का उद्देश्य यूक्रेन में गड़बड़ी फैलाना था। शोधकर्ताओं , यूक्रेन के अधिकारियों और अमेरिकी अदालत के दस्तावेजों से मिले सबूत इसी ओर इशारा करते हैं।

बता दें कि बुधवार को नेटवर्क टेक्नोलॉजी कंपनी सिस्को सिस्टम्स और एंटीवायरस कंपनी सिमेंटिक ने चेतावनी दी थी कि इंटरनेट से जुड़े करीब पांच लाख राउटर की सुरक्षा के साथ समझौता हुआ है। कंपनियों ने इसे यूक्रेन में स्थित लक्ष्यों के खिलाफ साइबर गड़बड़ी फैलाने वाले अभियान की संभावित तैयारी बताया था।  एफबीआई के सहायक निदेशक स्कॉट स्मिथ ने कहा कि एजेंसी ने मालवेयर हमले के प्रभाव को कम से कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। यह पहला और अहम कदम है लेकिन एफबीआई का काम पूरा नहीं हुआ है।

क्या है पूरा मामला
एक दिन पहले ही दुनियाभर के कई देशों के एक खतरनाक वायरस की चपेट में आने की खबर आई थी। उस वक्त कहा गया था कि यह वायरस वाई-फाई राउटर के जरिए एंड्रॉइड और आईओएस यूजर्स को निशाना बना रहा है। वायरस की चपेट में 5 लाख राउटर्स और दूसरे स्टोरेज डिवाइसिस आ गए हैं।  इस वायरस के बारे में सबसे पहले सिक्योरिटी एजेंसी ने अलर्ट जारी किया था और अब सिसको (CISCO) ने भी इसे लेकर चेतावनी दी है।

इसके बाद सिसको का कहना था कि इस वायरस के पीछे रूस का हाथ हो सकता है। सिसको ने कहा है कि इस वायरस का संबंध यूक्रेन में रूस की साइबर अटैक की तैयारी से हो सकता है। सिसको के मुताबिक, यह VPNFilter वायरस असेंबल कम्युनिकेशन और दूसरे डिवाइसिस को निशाना बना सकता है। यह डिवाइस को बर्बाद कर सकता है। यह मालवेयर ब्रॉडबैंड और वाई-फाई राउटर के जरिए निशाना बना रहा है। इसने भारत समेत 54 देशों को अपना निशाना बनाया है। इसके अलावा यूक्रेन में यह सबसे ज्यादा डिवाइसिस को निशाना बना रहा है।

 

  • Published Date: May 24, 2018 5:29 PM IST
  • Updated Date: May 24, 2018 7:03 PM IST