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गूगल ने कमला दास के काम और जीवन पर बनाया डूडल

उन्होंने महिलाओं, चाइल्ड केयर और राजनीति से संबंधित मुद्दों पर भी लिखी है।

  • Published: February 1, 2018 9:02 AM IST
Google Doodle Kamala Das feat

गूगल ने आज कमला दास के लिए डूडल बनाकर उन्हें सम्मानित किया है। वह देश में बेहतरीन कवि और कथालेखक थीं। साथ ही उन्होंने महिलाओं, चाइल्ड केयर और राजनीति से संबंधित मुद्दों पर भी लिखा। कमला दास का जन्म केरल के Thrissur जिले में 31 मार्च, 1934 को हुआ था। उनका बचपन कोलकाता में बीता था, जहां उनके पिता Walford ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते थे।

डायबिटीज और संबंधित बीमारियों के कारण उनकी मौत 75 साल की उम्र में हो गई थी। उन्हें Jehangir अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वह एक महीने से ज्यादा दिन तक भर्ती थीं। कमला दास को कई पुरस्कार भी मिले, जिसमें साहित्य अकादमी पुरस्कार भी शामिल है। उन्हें 1984 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

कमला दास ने अपनी मां की तरह लिखना शुरू कर दिया। उनके चाचा Nalapat Narayana Menon एक प्रमुख लेखक थे, जिनसे कमला दास के जीवन में बड़ा प्रभाव पड़ा। 15 साल की उम्र में उनकी शादी Madhava Das से हो गई थी। Madhva Das ने उन्हें लिखने के लिए प्रोत्साहित किया। जिसके बाद कमला दास ने अपने लेखन को दोनों अंग्रेजी और मलयालम भाषाओं में प्रकाशित करना शुरू कर दिया था।

1976 में कमला दास ने अपनी आत्मकथा “My Story” जारी की। उसने विभिन्न pseudonyms के तहत लिखा। जब उन्होंने प्रकाशन शुरू किया, तब कमला दास ने pseudonyms नाम Madhavikutty का इस्तेमाल किया, Ami उनका घर का नाम था। वहीं, Suraiyya वह नाम है, जब उन्होंने खुद को इस्लाम में परिवर्तित कर लिया था।

  • Published Date: February 1, 2018 9:02 AM IST