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'गूगल द्वारा चीन में सेंसर किया सर्च इंचन लॉन्च करना बेबकूफी'

कंपनी के मुक्त अभिव्यक्ति मामलों के पूर्व एशिया प्रशांत प्रमुख ने तीखी आलोचना की है

  • Published: August 12, 2018 10:01 AM IST
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गूगल द्वारा चीन में सेंसर किया अपना सर्च इंजन लांच करने की योजना की कंपनी के मुक्त अभिव्यक्ति मामलों के पूर्व एशिया प्रशांत प्रमुख ने तीखी आलोचना की है और इसे ‘बेवकूफी भरा कदम’ करार दिया है। द इंटरसेप्ट के अनुसार, लोकम सुई ने शुक्रवार को कहा, “यह वास्तव में एक बुरा विचार, निहायत ही बेवकूफी भरा कदम है। मुझे बोलने के लिए मजबूर होना पड़ा है और मैं कहना चाहूंगा कि यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है।”

सुई गूगल के अभिव्यक्ति की आजादी विभाग के एशिया और प्रशांत क्षेत्र में साल 2011 से 2014 के बीच प्रमुख रहे हैं। गूगल द्वारा सेंसर किए गए सर्च इंजन को बनाने की योजना की खबर पिछले हफ्ते सामने आई थी।

द इंटरसेप्ट की एक पिछली रपट के मुताबिक, इस परियोजना का कोडनाम ‘ड्रैगनफ्लाई’ रखा गया है। सर्च प्लेटफार्म इस पर संवेदनशील सवालों को ब्लैकलिस्ट कर देगा, जिसमें राजनीति, अभिव्यक्ति की आजादी, लोकतंत्र, मानवाधिकार और शांतिपूर्ण प्रदर्शन जैसे मुद्दों पर सर्च करने पर सेंसर की गई जानकारी देखने को मिलेगी।

रिपोर्ट में सुई के हवाले से कहा गया है, “मैं चीन में गूगल सर्च इंजन के परिचालन का तरीका व्यापक रूप से माने जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार के उल्लंघन के बिना नहीं देख सकता।”

गूगल ने अभी तक इस सर्च इंजन परियोजना की आधिकारिक रूप से न तो पुष्टि की है और न ही इसे खारिज किया है। सुई ने कहा कि अगर गूगल सेंसर किए गए सर्च इंजन की परियोजना को जारी रखती है तो यह उसकी सार्वजनिक छवि के खिलाफ होगा।

प्रौद्योगिकी दिग्गज ने साल 2006 में चीन में अपना सर्च इंजन लांच किया था, लेकिन 2010 में इस सेवा को बंद कर दिया और इसका कारण चीनी सरकार द्वारा अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने और वेबसाइटों को ब्लॉक करने के लिए दवाब बनाने के प्रयासों को बताया था।

  • Published Date: August 12, 2018 10:01 AM IST