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जुलाई में एंड्रॉइड को लेकर EU के जुर्माने का सामना करेगा गूगल

गूगल एंड्रॉइड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग करने के मामले में यूरोपीय यूनियन के भारी भरकम जुर्माने का सामना करेगा।

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गूगल का कहना है कि वो यूरोपीय यूनियन के एंटीट्रस्ट जुर्माने की कार्रवाई का सामना करेगा। गूगल एंड्रॉइड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग करने के मामले में यूरोपीय यूनियन के भारी भरकम जुर्माने का सामना करेगा। गूगल का कहना है कि वो जुलाई में यूरोपीय यूनियन के दूसरे एंटीट्रस्ट जुर्माने का सामना करेगा। इस मामले की जांच कर रहे यूरोपीय कमिशन इसे लेकर 9 जुलाई तक अपना फैसला सुना सकता है। हालांकि, ये इस तारीख में बदलाव भी संभव है।

क्या है पूरा मामला
ईयू की इनवेस्टिगेशन में पाया गया है कि गूगल ने एंड्रॉइड डिवाइस मेकर्स पर अवैध तौर पर शर्तों को लगाया है। यानी गूगल ने अपनी शर्तों को एंड्रॉइड डिवाइस बनाने वाली कंपनियों को गैर-कानूनी तौर पर थोपा था। इसकी वजह से कंज्यूमर्स की च्वॉइस कम हो रही है  और एंड्रॉइड मार्केट में प्रतिस्पर्धा को भी नुकसान पहुंच रहा है।


बता दें कि एंड्रॉइड दुनिया की 80 फीसदी स्मार्टफोन मार्केट में इस्तेमाल होता है। यूजर्स के बीच भी सबसे ज्यादा एंड्रॉइड स्मार्टफोन ही लोकप्रिय है और मार्केट में एंड्रॉइड के मामले में गूगल का एकाधिकार है। ईयू ने साल 2016 में गूगल पर पहला एंटी-ट्रस्ट केस चलाया था। यह एंड्रॉइड OS के लिए लाइसेंसिंग कंडीशन लगाने के लिए चलाया गया था।

इससे पहले सामने आई रिपोर्ट्स में बताया गया था कि यूरोपीय यूनियन गूगल पर इस मामले में 11 अरब डॉलर का जुर्माना लग सकता है। हालांकि, जुर्माने की राशि कुछ कम हो सकती है। पिछले साल गूगल पर 18,900  करोड़ का जुर्माना लगा था।

  • Published Date: June 8, 2018 1:42 PM IST