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आइडिया का 100 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव डीआईपीपी के पास विचाराधीन

इससे अधिक हिस्सेदारी खरीदने के लिए सरकार की मंजूरी लेना जरूरी है।

  • Published: April 23, 2018 4:10 PM IST
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दूरसंचार कंपनी आइडिया सेल्युलर लिमिटेड के कंपनी में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेश निवेश ( एफडीआई ) की अनुमति के प्रस्ताव पर औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ( डीआईपीपी ) विचार कर रहा है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। आइडिया और वोडाफोन इंडिया के लंबित पड़े विलय के लिहाज से यह प्रस्ताव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वर्तमान में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति के तहत विदेशी कंपनी किसी भारतीय दूरसंचार कंपनी में सीधे 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद सकती है। इससे अधिक हिस्सेदारी खरीदने के लिए सरकार की मंजूरी लेना जरूरी है।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा , ” हमें दूरसंचार विभाग से प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। विभाग ने प्रस्ताव में एक शर्त जोड़ी है , जिसके चलते यह मामला डीआईपीपी के पास भेजा गया है। यह प्रस्ताव विभाग के पास विचाराधीन है।”

दूरसंचार विभाग वोडाफोन इंडिया के साथ विलय को मंजूरी देने से पहले आइडिया सेल्युलर लिमिटेड में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सीमा को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने पर डीआईपीपी के जवाब की प्रतिक्षा कर रहा है। एक अन्य सरकारी अधिकारी ने कहा , ” वोडाफोन इंडिया के साथ प्रस्तावित विलय से पहले आइडिया के लिए सिर्फ एफडीआई मंजूरी बाकी है। ”

उल्लेखनीय है कि 2017 में आइडिया और वोडाफोन ने देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी की स्थापना के लिए अपने परिचालन के विलय की घोषणा की थी। इस कंपनी के पास 23 अरब डॉलर के कारोबार के साथ भारतीय मोबाइल सेवा बाजार में 35 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी होगी।

  • Published Date: April 23, 2018 4:10 PM IST