comscore
News

5जी के मामले में पीछे नहीं रहेगा भारत: मनोज सिन्हा

उन्होंने कहा, ‘जहां तक नेट निरपेक्षता का सवाल है तो ट्राई की सिफारिशें कुल मिलाकर हमारे विभाग के समान ही हैं। विचार चल रहा है और हम जल्द ही नेट निरपेक्षता पर नीति लेकर आएंगे।’

  • Published: March 3, 2018 9:00 PM IST
5G-logo_500px

दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि भारत अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकी, 5जी के मामले में पीछे नहीं रहेगा और इसके लिए सभी उचित कदम उठाए जा रहे हैं।

सिन्हा ने पीटीआई भाषा को साक्षात्कार में कहा, ‘हम 2जी, 3जी व 4जी के समय पीछे रह गए लेकिन हम 5जी में नहीं पिछड़ेंगे। सरकार व सेवा प्रदाताओं के स्तर पर हमारे विभाग में काफी काम किया गया है।’

सिन्हा यहां मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में भारतीय प्रतिनिधि मंडल के साथ यहां आए हुए थे। दूरसंचार क्षेत्र के मौजूदा वित्तीय दबाव के बारे में पूछे जाने पर सिन्हा ने कहा कि क्षेत्र के पुनरोद्धार पर अंतर मंत्रालयी समूह क सिफारिशों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल जल्द ही कोई फैसला करेगा। संभवत: मंत्रिमंडल की अगली बैठक में ही।

उल्लेखनीय है कि ​ऋण संकट से जूझ रहे दूरसंचार क्षेत्र को राहत कदमों के रूप में दूरसंचार आयोग ने मंत्री समूह की सिफारिशों पर सहमति जताई है। नेट निरपेक्षता के मुद्दे पर सिन्हा ने कहा कि सरकार को ट्राई की सिफारिशें मिल गई हैं और इस पर नीति शीघ्र ही सार्वजनिक की जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘जहां तक नेट निरपेक्षता का सवाल है तो ट्राई की सिफारिशें कुल मिलाकर हमारे विभाग के समान ही हैं। विचार चल रहा है और हम जल्द ही नेट निरपेक्षता पर नीति लेकर आएंगे।’

5जी को लेकर तैयारियों के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार आईआईटी चेन्नई में 5जी सेवाओं के लिए परीक्षण केंद्र (टेस्ट बैड) स्थापित करने जा रही है। सरकार सभी इकाइयों को परीक्षण के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन को तैयार है।

उन्होंने कहा, ‘हमने दूरसंचार सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति ​गठित की है। सी डॉट ने कुछ मानक तय किए हैं। बीएसएनएल अपने तरीके से काम कर रही है। यहां तक कि ​एयरटेल व रिलायंस जियो जैसी निजी कंपनियों ने भी इस दिशा में प्रगति की है।’

  • Published Date: March 3, 2018 9:00 PM IST