comscore
News

डिजिटल क्रांति के फायदे लेने के लिए AI और बिग डेटा एनालिटिक्स में निवेश जरूरी: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल क्रांति ब्रिक्स देशों और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है।

  • Updated: July 28, 2018 1:56 PM IST
dfg

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल क्रांति ब्रिक्स देशों और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है। उन्होंने कहा कि इसके फायदे लेने के लिए ‘ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ’ (कृत्रिम बुद्धिमता) और ‘ बिग डेटा एनालिटिक्स ’ (बड़े पैमाने पर मौजूद आंकड़ों का विश्लेषण) में निवेश करना जरूरी है।

ब्रिक्स संपर्क सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने डिजिटल बुनियादी ढांचे में ज्यादा निवेश और ‘ डिजिटाइजेशन ’ के क्षेत्र में कौशल विकास का आह्वान किया। उन्होंने कहा , ‘‘ आज एक बार फिर हम ऐतिहासिक मोड़ पर हैं। डिजिटल क्रांति का शुक्रिया कि हमारे लिए नए मौके उभर रहे हैं। यही वजह है कि ‘ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ’ और ‘ बिग डेटा एनालिटिक्स ’ के जरिए आने वाले इन बदलावों के लिए तैयार रहना जरूरी हो गया है। ’’

अफ्रीका के साथ भारत के ऐतिहासिक एवं गहरे संबंधों पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अफ्रीका में शांति , स्वतंत्रता और विकास कायम करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि अफ्रीका के साथ भारत के रिश्ते आजमाए हुए हैं और भारत सरकार ने इस महाद्वीप के साथ अपने गहरे संबंध बनाए हैं।

मोदी ने बैठक में कहा , ‘‘ भारत और अफ्रीका के बीच आर्थिक एवं विकास सहयोग ने नई ऊंचाइयां छुई हैं। ’’ ब्रिक्स की इस बैठक में मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग , रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन , दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सीरिल रामाफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति मिशेल टेमर ने भी शिरकत की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले चार साल में राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों के स्तर पर 100 से ज्यादा द्विपक्षीय वार्ताएं और यात्राएं हुई हैं जिनसे द्विपक्षीय सहयोग एवं आर्थिक संबंध नए स्तर तक गए हैं। उन्होंने कहा कि 11 अरब अमेरिकी डॉलर की 118 ऋण सहायता 40 से ज्यादा अफ्रीकी देशों को दी गई है। मोदी ने कहा कि भारत अफ्रीकी देशों द्वारा किए जा रहे क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण के प्रयासों का स्वागत करता है।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में मुक्त व्यापार एवं वाणिज्य से करोड़ों लोगों को गरीबी से निजात पाने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन तक वैश्वीकरण के लाभ पहुंचाना सबसे अहम जिम्मेदारी है।

वैश्वीकरण की चुनौतियों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि समावेशी विकास सभी प्रयासों के केंद्र में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 के वित्तीय संकट के बाद वैश्वीकरण के इस बुनियादी पहलू पर संरक्षणवाद के खतरे मंडरा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा , ‘‘ वृद्धि दर में गिरावट के सबसे ज्यादा प्रभाव हम जैसे देशों ने महसूस किए हैं जिन्हें औपनिवेशक काल के दौरान की गई औद्योगिक प्रगति से लाभ नहीं मिल सके। ’’ उन्होंने कहा कि भारत दक्षिण – दक्षिण सहयोग के तहत अपने अनुभव और सीख साझा करता रहेगा।मोदी ने कहा कि इस हफ्ते युगांडा की संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने अफ्रीकी देशों के साथ भारत के संबंधों के लिए 10 सिद्धांत बताये थे।

उन्होंने कहा कि अफ्रीका की जरूरतों के मुताबिक तैयार किए गए यह 10 सिद्धांत अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भारत के रिश्तों के विकास और उन्हें मजबूती प्रदान करने के दिशानिर्देश हैं।प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अफ्रीका छात्र अध्ययन के लिए भारत आते हैं और उन्हें भारतीय छात्रवृतियां भी मिलती हैं।

 

  • Published Date: July 28, 2018 1:55 PM IST
  • Updated Date: July 28, 2018 1:56 PM IST