comscore
News

इसरो ने रचा नया इतिहास, लॉन्च हुआ 100वां उपग्रह

इसरो आज श्रीहरिकोटा से अपने 100वें उपग्रह का प्रक्षेपण करेगी जो इस साल का पहला प्रक्षेपण होगा।

  • Updated: January 12, 2018 10:03 AM IST
ISRO PSLV C40

पिछले दिनों खबर आई थी कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी (इसरो) 12 जनवरी को श्रीहरिकोटा से अपने 100वें उपग्रह का प्रक्षेपण करेगी जो इस साल का पहला प्रक्षेपण होगा। वहीं आज इसरो ने अपना 100वें उपग्रह करके एक नया इतिहास रचा है। यह मिशन देश के अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

आज लॉन्च किए गए उपग्रह के साथ 30 अन्य उपग्रहों को भी अंतरिक्ष में पहुंचाया जाना है। इसरो का कहना है कि पिछले साल अगस्त में नेविगेशन उपग्रह आईआरएनएसएस-1एच के असफल प्रक्षेपण के बाद वह पहले ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) मिशन के साथ फिर से वापसी कर रहा है। आज PSLV-C40 के जरिए मौसम की निगरानी करने वाले कार्टोसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह सहित 31 उपग्रह प्रक्षेपित किए जाएंगे। इसके अलावा इनमें तीन उपग्रह भारतीय और 28 उपग्रह विदेशी भी शामिल हैं।

PSLV-C40 के बारे में बात करें तो इसका वजन 710 किलोग्राम है। पृथ्वी अवलोकन प्रक्षेपित किया जा रहा 100वां उपग्रह कार्टोसेट-2 सीरीज मिशन का प्राथमिक उपग्रह है। इसके साथ अन्य उपग्रह भी है, जिसमें 100 किलोग्राम के माइक्रो और 10 किलोग्राम के नैनो उपग्रह भी शामिल होंगे। PSLV-C40 लगभग 45 मीटर लंबा है और श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर के Pad या FLP से लॉन्च होने वाला पहला उपग्रह है।

जानकारी के अनुसार आज लॉन्च हुए सभी 31 सैटेलाइट का कुल वजन 1323 किलोग्राम है। इसरो के अधिकारियों के मुताबिक 30 सैटेलाइट को 505 किलोमीटर की सूर्य की समकालीन कक्ष (एसएसओ) में प्रक्षेपित किया जाएगा। एक माइक्रो सैटेलाइट 359 किलोमीटर की एसएसओ में स्थापित किया जाएगा।

PSLV-C40 सैटेलाइट उच्च कोटि की तस्वीरें भेजेगा, कार्टोसैट-2 श्रृंखला का मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता की तस्वीरें भेजना है। इसका इस्तेमाल नक्शे बनाने में किया जाएगा। इसमें मल्टी स्पेक्ट्रल कैमरे लगे हुए हैं। इससे तटवर्ती इलाकों, शहरी-ग्रामीण क्षेत्र, सड़कों और जल वितरण आदि की निगरानी की जा सकेगी।

  • Published Date: January 12, 2018 9:27 AM IST
  • Updated Date: January 12, 2018 10:03 AM IST