comscore
News

दूरसंचार कंपनियों के वित्तीय दबाव का आईयूसी शुल्क से कोई लेना देना नहीं: ट्राई

ट्राई का कहना है कि मोबाइल कॉल कनेक्ट दरों में कटौती का दूरसंचार क्षेत्र के वित्तीय दबाव से कोई लेना देना है।

  • Published: September 29, 2017 11:00 PM IST
TRAI

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इस दलील को खारिज कर दिया है कि मोबाइल कॉल कनेक्ट दरों में कटौती का दूरसंचार क्षेत्र के वित्तीय दबाव से कोई लेना देना है। नियामक ने कहा कि ये शुल्क मुनाफा कमाने के लिए नहीं हैं।

ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने कहा, ‘‘जहां तक मेरी समझ है, दूरसंचार क्षेत्र के दबाव और आईयूसी दरों में कोई संबंध नहीं हैं। ये दरें किसी कंपनी के लिए लाभ कमाने का माध्यम नहीं हैं। आप जो काम करेंगे उसके लिए आपको भुगतान मिलेगा। आप एक कॉल देखते हैं या 10 कॉल, आपको कम या ज्यादा का भुगतान नहीं किया जाएगा। आप मुनाफा नहीं कमाएंगे या नुकसान नहीं उठाएंगे।’’ इसे भी देखें: लेईको Le X7 की प्रोटोटाइप इमेज लीक

वह इंडिया मोबाइल कांग्रेस में आइडिया सेल्युलर के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी हिमांशु कपानिया द्वारा आईयूसी में कटौती को लेकर आलोचनाओं का जवाब दे रहे थे।

बता दें कि हाल ही में केंद्रीय संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र की वित्तीय दिक्कतों पर सरकार की निगाह है। उन्होंने उद्योग को आश्वस्त किया कि जरूरत पड़ने पर सरकार हस्तक्षेप करेगी। इंडिया मोबाइल कांग्रेस में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में दबाव के बारे में अंतर मंत्रालयी समूह के प्रस्तावों के कुछ पहलुओं पर कानूनी राय ली जा रही है। उन्होंने हालांकि इसका ब्योरा नहीं दिया। इसे भी देखें: गूगल होम मैक्स नाम के स्पीकर पर काम कर रहा है गूगल

उन्होंने स्वीकार किया कि इस क्षेत्र की कुछ कंपनियां वित्तीय दबाव महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दूरसंचार सफल कथा रहा है और सरकार इसकी निरंतरता सुनिश्चित करेगी। इसे भी देखें: InFocus Turbo 5 Plus रिव्यु: बड़ी बैटरी और डुअल कैमरा है इसकी खूबी

  • Published Date: September 29, 2017 11:00 PM IST