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CES 2018 में दिखी नवीनतम प्रौद्योगिकी की झलक

यह भविष्य के प्रौद्योगिकी-जगत की झलक थी, जिसमें प्रौद्योगिकी को अंगीकार करने वाले लोगों के जीवन में आने वाले व्यापक बदलाव को दर्शाया गया था।

  • Published: January 15, 2018 9:00 PM IST
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यह भविष्य के प्रौद्योगिकी-जगत की झलक थी, जिसमें प्रौद्योगिकी को अंगीकार करने वाले लोगों के जीवन में आने वाले व्यापक बदलाव को दर्शाया गया था। इसमें कई स्थापित मान्यताओं को भी बदलने के वादे किए गए। दुनिया के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो (CES)- 2018 का शुक्रवार की शाम समापन हो गया। लेकिन इसके समापन से पहले शो में आगंतुकों को नए युग की प्रौद्योगिकी से हमारे जीवन के हर पहलू पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी मिली।

सीईएस-2018 की प्रदर्शनी में कृत्रिम बुद्धि (एआई) के गुणात्मक पहलू को प्रदर्शित करते हुए यह दिखाया गया कि इसका इस्तेमाल खेती से लेकर सागरों में राहत व बचाव कार्य में भी किया जा सकता है। इस मौके पर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) यानी इंटरनेट से संबंधित डिवाइस, आभासी वास्तविकता (एआर), संवर्धित वास्तविकता (एआर), रोबॉटिक्स, 5जी टेक्नोलोजी, स्मार्ट सिटी और डिजिटल हेल्थ से जुड़ी सैकड़ों बड़ी व छोटी कंपनियां पहुंची थीं, जिनके बीच अपने उत्पादों को लेकर प्रतिस्र्धा हैं।

नई प्रौद्योगिकी में ताइवान का एक मिनिएचर 360 डिग्री कैमरा है, जो मोबाइल फोन में आ सकता है। इससे 180 डिग्री विजन के दो लेंसों से वीडियो लेकर उसे एक साथ जोड़कर आभासी वास्तविक (वीआर) दृश्य या दूसरे उपयोग में लाया जा सकता है।

यही नहीं, वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के पैरोकार भी प्रौद्योगिकी की इस गाड़ी में सवार थे और ऐक्यूपंक्चर जैसी चीनी उपचार विधि पर आधारित स्वास्थ्य संबंधी प्रौद्योगिकी की पेशकश कर रहे थे। अब उसके क्या फायदे होंगे इसपर भले ही सवाल उठाए जाएं, मगर सीईएस में वो मौजूद थे।

इस प्रकार, एआर और वीआर कंपनियों के कई स्टॉल लगे थे जिनपर ज्यादा से ज्यादा चुनौती भरे गेम्स के जरिये युवा पीढ़ी का मनोरंजन, मनबहलाव हो रहा था और उनकी जानकारी भी बढ़ायी जा रही थी। बिंबों में आभासी दुनिया और वास्तविक दुनिया के बीच अंतर नहीं। यह सब पिछले साल की तुलना बेहतर प्रतीत हुआ।

रोबोटिक्स में महज मिलिमीटर लंबी व चौड़ी छोटी-छोटी स्वतंत्र मशीन से लेकर विशाल मानव मशीनें थीं, जो असली मानव के साथ पिंग-पांग (टेबल टेनिस) खेल सकता था। संवदेना महसूस करने की क्षमता वाले रोबोट ऐसे थे जो कागज का पतला टुकड़ा लेकर पालतू कुत्ते को देता था।

कई कंपनियों का लक्ष्य घरों में बच्चे पढ़ाने वाले व उनका मनोरंजन करने वाले रोबोट विकसित करना है ताकि व्यस्त रहने वाले माता-पिता को एक विकल्प मिल जाएगा। उनका कहना था कि मशीन कभी मानव की जगह नहीं ले सकती, बल्कि यह उनके जीवन-स्तर को बेहतर बनाती है।

नासा की ओर से नवीनतम ड्रोन पेश किया गया। इसी प्रकार दर्जनों अन्य भी वहां पहुंचे थे। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में निगरानी से लेकर आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत व बचाव कार्य में ड्रोन उपादेयता से आगंतुक अभिभूत नजर आए। जापान की कंपनी यामाहा ने एक ऐसा ड्रोन विकसित किया है जिससे सैकड़ों एकड़ भूमि में पीड़कनाशी दवाओं का छिड़काव किया जा सकता है। इस तरह, मानव पर पड़ने वाले रसायन के खतरनाक प्रभावों से भी बचा जा सकता है।

फोटोग्राफी और पिंट्रिंग क्षेत्र में विशेष दखल रखने वाली कंपनी कोटक 3डी प्रिंटिंग में प्रवेश कर चुकी है, जिसमें ब्लॉक बनाने के प्लास्टिक व अन्य कच्चे पदार्थो से फिजिकल मटीरियल बनाया जाता है।

स्वाचालित वाहनों की वहां भरमार थी, जो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतरने वाले हैं। ये वाहन सुरक्षित व तीव्रगामी यात्रा करवाने वाले हैं। साथ ही, इनमें मानव का हस्तक्षेप बहुत कम रखा गया है।

प्रदर्शनी में 3,900 से ज्यादा कंपनियों के स्टॉल लगाए गए थे। इसलिए किसी एक व्यक्ति के लिए सब कुछ देखना असंभव था, लेकिन 27.5 वर्ग फुट क्षेत्र में फैली इस प्रदर्शनी में सबके लिए कुछ न कुछ जरूर था। इसी प्रकार, स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप व पर्सनल कंप्यूटर कंपनियां भी अपने नए उत्पाद लेकर यहां पहुंची थीं।

सीईएस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट करेन चुपका ने कहा, “सारे बड़े उद्योग अब प्रौद्योगिकी से जुड़ गए हैं। हमारे कार्यक्रम से मनोरंजन जगत से लेकर मार्केटिंग, खेल, स्वास्थ्य सेवा, ऑटोमोबाइल और लाइफस्टाइल जैसे विविध उद्योगों के बड़े वैश्विक ब्रांड और नवाचार से जुड़े नवागुंतक लोग आकर्षित हुए हैं।” अगले साल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ज्यादा उन्नति व विस्तार के वादों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

  • Published Date: January 15, 2018 9:00 PM IST