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मोबाइल कंपनियों ने जीएसटी से पहले के भंडार को बेचने के लिए और समय मांगा

मोबाइल कंपनियां एक जुलाई 2017 से पहले बने हैंडसैट पर 31 दिसंबर 2017 तक ही इनपुट टैक्स क्रेडिट ले सकती हैं।

  • Published: December 27, 2017 9:00 PM IST
GST

मोबाइल हैंडसेट कंपनियों ने जीएसटी से पहले की अवधि में फोन बेचने के लिए छह महीने का और समय मांगा है ताकि वे ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ ले सकें। मोबाइल कंपनियां एक जुलाई 2017 से पहले बने हैंडसैट पर 31 दिसंबर 2017 तक ही इनपुट टैक्स क्रेडिट ले सकती हैं।

मोबाइल बनाने वाली कंपनियों के संगठन इंडियन सेल्यूलर एसोसिएशन ने इस बारे में वित्त मंत्री अरूण जेटली को पत्र लिखा है। इसके अनुसार, ‘हमारा मानना है कि जुलाई दिसंबर 2017 की छह महीने की अवधि पुराने भंडार को बेचने के लिए अपर्याप्त है … 20-30 प्रतिशत भंडार अब भी अनबिका है।’

एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज महेंद्रू के इस पत्र में आईसीए ने कम से कम छह महीने का और समय मांगा है और कहा कि उस समय तक यह भंडार बिक जाएगा। इसमें कहा गया है कि इससे सरकार को कोई राजस्व हानि नहीं होगी क्योंकि उत्पादों पर शुल्क पहले ही चुका दिया गया है जबकि जीएसटी प्रणाली में असीमित अवध के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया जा सकता है।

भारतीय मोबाइल उपकरण उद्योग मौजूदा साल में 1.5 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है और लेन देन की संख्या इस मूल्य से कम से कम 4-5 गुना अधिक रहेगी।

  • Published Date: December 27, 2017 9:00 PM IST