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फ्लिपकार्ट छोड़ने के बाद सचिन बंसल ने लिखा ये भावुक पोस्ट

फ्लिपकार्ट को वॉलमार्ट द्वारा खदीने जाने पर सचिन बंसल ने एक भावुक फेसबुक पोस्ट लिखा है।

  • Published: May 10, 2018 12:45 PM IST
फ्लिपकार्ट छोड़ने के बाद सचिन बंसल ने लिखी ये भावुक पोस्ट,Sachin Bansal  emotional Facebook post

फ्लिपकार्ट को अमेरिका की सबसे बड़ी रिटेलर कंपनी वॉलमार्ट ने खरीद लिया है। फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी को खरीदा गया है। यह सौदा 1.12 लाख करोड़ में हुआ है। इस डील के बाद अब कंपनी के को-फाउंडर सचिन बंसल अपने शेयर बेचकर बाहर हो जाएंगे। वॉलमार्ट का कहना है कि इस निवेश से फ्लिपकार्ट का कारोबार बढ़ेगा और ई-कॉमर्स सेक्टर में नई नौकरियां पैदा होंगी। इस सौदे के बाद सचिन बंसल ने एक एक भावुक फेसबुक पोस्ट लिखा है। सचिन बंसल ने लिखा, ”मैं लंबे समय तक ऑफ लूंगा और अपने पर्सनल प्रोजेक्ट को पूरा करने पर फोकस करूंगा। इन कामों के लिए मैं पहले वक्त नहीं निकाल पाया था ” उन्होंने लिखा, मैं गेमिंग के जरिए अपने कोडिंग कौशल को निखारूंगा और देखूंगा कि इनदिनों बच्चे क्या गेम खेल रहे हैं।

सचिन बंसल ने लिखा कि दुखद है कि 10 साल बाद यहां मेरा काम पूरा हो गया है, और अब फ्लिपकार्ट को छोड़ने का वक्त है। उन्होंने लिखा कि वो फ्लिपकार्ट से बाहर होने से उत्साहित हैं और फ्लिपकार्ट की टीम को जारी रखने का आग्रह करते हैं। लेकिन मैं फ्लिपकार्ट वालों को बाहर से देखूंगा और उत्साहित हूंगा। उन्होंने फ्लिपकार्ट के कर्मचारियों से कहा कि आप बेहतरी से फ्लिपकार्ट में अपनी नौकरी जारी रखे। मैं इसे बाहर से देखूंगा और उत्साहित होऊंगा।

इस डील के बाद वॉलमार्ट का कहना है कि इस निवेश से फ्लिपकार्ट का कारोबार बढ़ेगा और ई-कॉमर्स सेक्टर में नई नौकरियां पैदा होंगी। बता दें कि फ्लिपकार्ट को शुरू हुए 11 साल हो गए हैं। इसकी शुरुआत साल 2007 में हुई थी। इसका पहला ऑफिस बेंगलुरू में शुरू हुआ था। इसे सचिन और बिन्नी बंसल ने शुरू किया था। सचिन और बिनी अमेजन में नौकरी करते थे, यहां से अलग होने के बाद दोनों ने अपना स्टार्टअप शुरू किया।फ्लिपकार्ट को खड़ा करने वाले सचिन और बिन्नी की मुलाकात दिल्ली आईआईटी में हुई थी। यह मुलाकात साल 2005 में हुई थी। फ्लिपकार्ट ने सबसे पहले अपनी साइट पर किताबें बेचना शुरू किया था। इसके बाद इस ई-कॉमर्स साइट पर दूसरे चीज़ों को बेचना शुरू हुआ। फ्लिपकार्ट पर बिकने वाली पहली किताब ‘लीविंग माइक्रोसॉफ्ट टू चेंज द वर्ल्ड’ थी। इस किताब के लेखक जॉन वुड हैं।

  • Published Date: May 10, 2018 12:45 PM IST