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स्टूडेंट्स ने बनाया ऐसा ड्रोन जो एंबुलेंस से पहले एक्सीडेंट स्पॉट पर पहुंच जाएगा

यह ड्रोन 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। इसे रिमोट के जरिए कंट्रोल किया जाएगा।

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फाइल फोटो


चेन्नई के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने एक खास तरह का ड्रोन डिजाइन किया है। इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स की टीम ने दुर्घटना के वक्त घटनास्थल पर प्राथमिक उपचार किड को ले जाने के लिए ड्रोन बनाया है। यह ड्रोन एंबुलेंस से पहले एक्सीडेंट की स्थिति में घटनास्थल पर प्राथमिक उपचार की सुविधा पहुंचा देगा।

डॉक्टरों का भी कहना है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में अगर सही वक्त पर प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल जाए तो आधे से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकती है। तमिलनाडु में एंबुलेंस को एक्सीडेंट स्पॉट पर पहुंचने के लिए औसत 13 से 15 मिनट लगते हैं। शहरों में ट्रैफिक की स्थिति में इसमें देरी भी हो जाती है। गांवों में सड़क की स्थिति खराब होने से कई बार एंबुलेंस आधे घंटे से भी ज्यादा देर में दुर्घटनास्थल पर पहुंचती है। ऐसी स्थिति में इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स द्वारा तैयार किया गया यह ड्रोन काफी फायदेमंद साबित होगा।

कैसे काम करेगा यह ड्रोन
यह ड्रोन जीपीएस के जरिए काम करेगा। इस ड्रोन को बनाने वाली टीम के एक सदस्य एस परवेज भूषण का कहना है कि यह ड्रोन 8 किलोग्राम तक के वजन वाले फर्स्ट एड बॉक्स को एक्सीडेंट स्पॉट तक ले जाने में सक्षम है।

यह ड्रोन 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। इसे रिमोट के जरिए कंट्रोल किया जाएगा। अभी 3 किलोमीटर तक की रेंज में इस ड्रोन को रिमोट के जरिए कंट्रोल किया जा सकेगा। आने वाले वक्त में इस ड्रोन के ऑटोमेटिक फीचर्स को और बढ़ाया जाएगा और रिमोट से कंट्रोल होने वाली डिस्टेंस को भी बढ़ाया जाएगा। यानी यह ड्रोन 3 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज को कवर कर सकेगा।

  • Published Date: June 11, 2018 12:02 PM IST