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यह कीबोर्ड भारतीय रीजनल लैंग्वेज में करता है टाइपिंग

यह कीबोर्ड दो कलर ऑप्शन में आ रहा है।

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गुरु प्रसाद ने एक नया कीबोर्ड Ka-Naada लॉन्च किया है। यह कीबोर्ड कई रीजनल लैंग्वेज को सपोर्ट करता है जो Brahmi लिपि पर आधारित है। यह एक यूनिक प्रॉडक्ट है जो फोनेटिक्स से शब्दों को जनरेट करता है। बिजनेसइनसाइडर के मुताबिक यह कीबोर्ड हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों में उपलब्ध है और इसे पूरी तरह से भारत में तैयार किया गया है।

यह कीबोर्ड दो कलर ऑप्शन में आ रहा है। आप इसे ब्लैक और ब्लू कलर में खरीद सकते हैं। अगर आप इसे प्री-ऑर्डर करते हैं तो यह आपको इसकी कीमत 1,900 रुपये पड़ेगी।

यह कीबोर्ड सभी डिवाइसों के लिए कम्पेटिबल है। यह कीबोर्ड मल्टीपल लैंग्वेज देवनागरी, कन्नड, गुजराती, गुरुमुखी, मलयालम, तुलु और उड़िया लैंग्वेज को सपोर्ट करता है। अगर यूजर्स रीजनल लैंग्वेज को जानता है तो वह अपनी रीजनल लैंग्वेज में आसानी से कीबोर्ड में टाइप कर सकता है। इसकी अलावा वह एक लैंग्वेज से दूसरी लैंग्वेज में आसानी से स्विच भी कर सकता है। जल्द ही यह Brahmi बेस्ड फॉरेन लैंग्वेज भी सपोर्ट करेगा जिनमें Malay, Sinhalese और Nepalese भाषाएं शामिल हैं।

गुरु प्रसाद ने एक बयान में कहा कि मेरी मातृभाषा तुलु है। हालांकि कन्नड टाउपसेट की वजह से यह भाषा कही खो गई थी, लेकिन अब इस कीबोर्ड की वजह से मैं अपनी मातृभाषा में टाइपिंग कर सकता हूं। प्रसाद इस कीबोर्ड पर 2009 से काम कर रहे थे।

  • Published Date: July 13, 2018 1:13 PM IST