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UC Browser को गूगल प्ले स्टोर से हटाया

UC Browser की प्ले स्टोर पर उपलब्धता को लेकर कुछ यूजर्स ने जानकारी दी है।

  • Published: November 15, 2017 1:15 PM IST
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सामने आई कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार गूगल ने अपने लोकप्रिय एप्लिकेशन यूएसी ब्राउजर को अचानक से प्ले स्टोर से हटा दिया है। यूसी ब्राउजर भारत में छठा सबसे अधिक डाउनलो​ड किया जाने वाला एप्लिकेशन है और पिछले ही दिनों इस वेब ब्राउजर ने गूगल पर 50 करोड़ डाउनलोड पूरे किए थे। बता दें कि गूगल प्ले स्टोर पर यूसी ब्राउजर सर्च करने पर आपको वहां केवल यूएसी ब्राउजर मिनी का ही आॅप्शन मिलेगा।

यूएसी ब्राउजर को यूसी वेब द्वारा डेवलप किया गया है जो कि चीन के अलीबाबा ग्रुप का हिस्सा है। यूएसी ब्राउजर पिछले साल दावा किया गया था कि भारत और इंडोनेशिया में उसके 10 करोड़ से अधिक मासिक एक्टिव यूजर्स हैं। ऐसे यह सबसे अधिक चौकांने वाली बात है कि बढ़ती लोकप्रियता और डाउनलोड के बावजूद अचानक से इसे प्ले स्टोर से क्यों हटाया गया। इसे भी देखें: 2019 में आने वाले iPhones के रियर कैमरा में भी देखी जा सकती है 3D रियर सेंसिंग तकनीकी

androidauthority पर reddit उपयोगकर्ताओं के माध्यम से दी गई जानकारी के अनुसार यूसी ब्राउजर को चीन को संवेदनशील डाटा भेजते हुए पाया गया था और यही कारण है कि इसे प्ले स्टोर से अचानक से ​हटा दिया गया। कुछ का कहना है कि आक्रामक और घृणित वायरस विज्ञापनों को वे लंबे समय तक चलाने की वजह से यूसी ब्राउजर को प्ले स्टोर से हटाया गया है।

इससे पहले अगस्त में भारतीय यूजर्स के मोबाइल डाटा लीक करने के मामले में सरकार ने यूएसी ब्राउजर की जांच करनी शुरू की थी। इसको लेकर IT मंत्रालय में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि यूसी ब्राउजर के खिलाफ शिकायतें हैं कि यह अपने भारतीय यूजर्स का मोबाइल डाटा चीन स्थित सर्वर को भेजता है। ऐसी भी शिकायतें हैं कि अगर यूजर इस ब्राउजर को अनइंस्टाल कर देता है या ब्राउजिंग डाटा मिटा भी देता है, तो बावजूद इसके यूजर के डिवाइस के DNS पर इसका कंट्रोल रहता है। अधिकारी ने कहा कि अगर इस ब्राउजर पर लगे आरोपों की पुष्टि हो जाती है तो देश में इसे प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसे भी देखें: OnePlus 5T अमेजन प्राइम मेंबर्स के लिए 21 नवंबर को होगा उपलब्ध

यूसी ब्राउजर अतीत में डाटा सुरक्षा चिंताओं के बारे में जांच के अंतर्गत आ गया है। 2015 में, कनाडाई शोधकर्ताओं ने दावा किया कि यूसी ब्राउजर के चीनी और अंग्रेजी भाषा के संस्करण ‘थर्ड पार्टी के लिए स्थान, सर्च विवरण, मोबाइल ग्राहक और डिवाइस नंबर जैसी व्यक्तिगत रूप से पहचान योग्य जानकारी के लिए आसानी से उपलब्ध कराए गए।’

यूसी ब्राउजर के अप्रत्याशित लापता होने वाले कई posters पोस्टर यह सोचते हैं कि हालिया आरोपों में यूसी ब्राउजर को दोषी माना गया है, और इसीलिए इस भारत में प्रतिबंध किया जा सकता है। वर्तमान में इन सब संदेहों की पुष्टि करने या इनकार करने का कोई प्रमाण नहीं है और इस विषय पर अभी तक गूगल और यूसीवेब दोनों ने कोई टिप्पणी नहीं की है। यूसीवेब ने पहले किसी भी तरह से गलत आरोपों से इनकार कर चुका है, जिसमें कहा गया है कि यह “हम उपयोगकर्ताओं के विश्वास को तोड़ने के लिए कुछ भी नहीं करेंगे” और यह “सुरक्षा और गोपनीयता को बहुत गंभीरता से लेता है।” इसे भी देखें: Honor 7X के लिए 24 घंटे से भी कम समय में हुए 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन

  • Published Date: November 15, 2017 1:15 PM IST