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भारत में 3 सालों में दोगुना होगा ऑफिसों में ऑटोमेशन: सर्वे

भारत में अगले तीन सालों में कार्यस्थलों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग 14 फीसदी से बढ़कर 27 फीसदी होने की संभावना है।

  • Updated: May 23, 2018 7:00 PM IST
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भारत में अगले तीन सालों में कार्यस्थलों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स का प्रयोग 14 फीसदी से बढ़कर 27 फीसदी यानी करीब दोगुना होने की संभावना है। यह वैश्विक और एशिया प्रशांत औसत (एपीएसी) के मुकाबले ज्यादा है। बुधवार को एक सर्वे में इस बात की जानकारी दी गई।

लंदन की वैश्विक सलाहकार, ब्रोकिंग और समाधान कंपनी विलिस टावर्स वाटसन ने द ‘ग्लोबल फ्यूचर ऑफ वर्क सर्वे’ में कहा कि 61 फीसदी कंपनियों का मानना है कि उन्हें अगले तीन वर्षो में कुछ फुल टाइम कर्मचारियों की जरूरत होगी। सर्वे में यह भी खुलासा किया गया कि 12 फीसदी कंपनियां और एचआर ऑटोमेशन से संबंधित संगठनात्मक परिवर्तन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार है।

विलिस टावर्स वाटसन इंडिया के टैलेंट एंड रिवॉडर्स के अध्यक्ष संभव राक्यान ने एक बयान में कहा, “ऑटोमेशन और कार्य व्यवस्था इंतजामों में शिफ्ट के परिणामस्वरूप नई चुनौतियां सामने आएंगी, जो प्रौद्योगिकी, भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं, मानव संसाधन कार्यक्रमों और एक सक्षम संगठनात्मक संरचना के आसपास नियोक्ता की तैयारी का परीक्षण करेंगी।”


राक्यान ने कहा, “हमारा अनुसंधान संकेत देता है कि भारत में संगठनों ने इस आदर्श स्थिति को हासिल करने के लिए छोटे लेकिन ठोस कदम उठाने की शुरुआत कर दी है। व्यापार जगत के दिग्गज, पब्लिक मैनेजर और एचआर को जोखिमों की पहचान कर और उसे कम करने के लिए सहयोग करना चाहिए और मौजूदा कार्य के भविष्य के कई अवसरों का पूर्ण लाभ लेना चाहिए।”सर्वे में खुलासा हुआ है कि वैश्विक और एशिया प्रशांत में अगले तीन साल में ऑटोमेशन के तहत 23 फीसदी कार्य होने की संभावना है, जो वर्तमान में 13 फीसदी है।

  • Published Date: May 23, 2018 6:59 PM IST
  • Updated Date: May 23, 2018 7:00 PM IST