comscore
News

#WorldEmojiDay: इमोजी ने बदल दी चैटिंग, शब्दों पर पड़ते हैं भारी

वो साल 1990 का आखिरी दौर था जब इमोजी का चलन शुरू हुआ।

Untitled design (63)

17 जुलाई को हर साल वर्ल्ड इमोजी डे मनाया जाता है। इमोजी के आने के बाद चैटिंग की परिभाषा ही बदल गई है। पहले जहां यूजर्स अपने इमोशन को शब्दों में बयां करते थे, लेकिन अब इमोजी शब्दों पर भारी है। आपके स्मार्टफोन में तमाम वो इमोजी पड़े होंगे, जो आपके सुख, दुख, गुस्सा और नाराजगी को दर्शाते हैं। वक्त पड़ने पर बस एक इमोजी हजार शब्दों पर भारी पड़ जाता है।

वो साल 1990 का आखिरी दौर था जब इमोजी का चलन शुरू हुआ। सबसे पहले एप्पल ने आईफोन के की-बोर्ड में इसको शामिल किया। इसके बाद उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए नई-नई इमोजी आते गए। पहली बार इमोजी डे मनाने का चलन साल 2014 से शुरू हुआ। इसकी शुरुआत जेरेमी बर्ग ने की, वो यूनिकोड कमेटी के सदस्य हैं।

आधिकारिक यूनिकोड स्टैंडर्ड लिस्ट के मुताबिक अब तक 2666 से ज्यादा इमोजी बनाई जा चुकी हैं। यूनिकोड कंसोर्टियम इमोजी के लिए रूपरेखा तैयार करता है और तय करता है कि क्या इमोजी बननी चाहिए? लेकिन एप्पल और गूगल जैसी कंपनियां अपनी निजी इमोजी बनाने के लिए स्वतंत्र हैं।

दुनिया में सबसे पहला इमोजी ‘स्माइली’ बनाया गया था। हर साल  सैकड़ों की तादाद में नई Emoji के लिए आवेदन पत्र दिए जाते हैं।

  • Published Date: July 17, 2018 5:48 PM IST
  • Updated Date: July 17, 2018 5:52 PM IST