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शाओमी ने उपभोक्ता से फोन की वारंटी अवधि में गलत तरीके से भुगतान करने को कहा

रिपोर्ट के अनुसार शाओमी इस उपभोक्ता वारंटी अवधि में चार्ज की मांग पर 11,000 रुपए भुगतान करेगा।

  • Published: February 5, 2018 6:00 PM IST
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एक ग्राहक के साथ दुर्व्यवहार के लिए शाओमी को दंडित किया जा रहा है। कथित तौर पर, बेंगलुरु में एक शाओमी सर्विस सेंटर पर वारंटी अवधि के दौरान कुछ रिपेयर करने वाले डिवाइस के लिए उपयोगकर्ता से चार्ज लेने का अरोप लगाया गया है। शहर की उपभोक्ता अदालत ने सर्विस सेंटर को आड़े हाथों लेते हुए मुकदमेबाजी के खर्चों के अलावा, ग्राहक को फोन की पूरी लागत वापस करने का आदेश दिया है। मामले के बारे में अधिक जानने के लिए बीजीआर इंडिया शाओमी के पास पहुंचा है।

मधुसूदन नामक एक उपयोगकर्ता ने फ्लिपकार्ट पर 6,999 रुपये की कीमत पर 24 मार्च, 2015 को एक Xiaomi Redmi 2 खरीदा था। 8 अक्टूबर को, उपयोगकर्ता को पता चला कि फोन का डिसप्ले blank हो गया है, हालांकि वह कॉल प्राप्त करने में सक्षम था और वाइब्रेट कर रहा था। यह डिवाइस की खरीदारी के सात महीने के भीतर हुआ।

मधुसूदन ने कोरमंगाला में टीवीएस इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में अपने डिवाइस की जांच करने का फैसला किया, जो कि एक अधिकृत शाओमी सर्विस सेंटर है। GadgetsNow की रिपोर्ट के अनुसार प्रतिनिधियों ने उन्हें बताया कि डिवाइस की स्क्रीन क्षतिग्रस्त हो गई है, और इसके 2,550 रुपये का शुल्क लिया जाएगा, वह मरम्मत के लिए सहमत हुए, और स्क्रीन को रिप्लेस करने को कहा।

दो दिन बीत गए, और उन्होंने जाहिरा तौर पर उस सर्विस सेंटर के कार्यकारी से एक और कॉल प्राप्त किया जिसने उन्हें बताया कि डिवाइस का मदरबोर्ड भी क्षतिग्रस्त हुआ था। कार्यकारी ने सुझाव दिया कि मदरबोर्ड की मरम्मत पर पैसे खर्च करने के बजाय, वह एक नया फोन खरीद सकते हैं, जो फिक्सिंग की लागत के बराबर होगा।

इसके बाद मधुसूदन ने मांग की कि सर्विेंस दें या फिर उनके हैंडसेट के लिए पूरी रीफंड दे, क्योंकि उनका फोन अभी वारंटी में है। जब शाओमी के सर्विस सेंटर और ईमेल के लिए उनकी डिमांड को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलीं, तो उन्होंने 15 अक्टूबर, 2015 को शाओमी सेवा केंद्र के खिलाफ, District Consumer Disputes Redressal Forum, बैंगलोर, से संपर्क किया।

यह मामला अदालत में दो साल तक चला, जिसमें शाओमी ने कहा कि फोन को नुकसान पहुंचाया, जिसमें मदरबोर्ड के साथ समस्याएं भी शामिल थीं और पॉलिसी के अनुसार वारंटी के तहत कवर नहीं किया जा सकता था। शाओमी के वकील ने कंपनी के उत्पादों पर सीमित वारंटी (हार्डवेयर के लिए एक साल और बैटरी, चार्जर और अन्य सहायक उपकरण के लिए छह महीने) पर दस्तावेज प्रस्तुत किए।

हालांकि, जनवरी, 2018 में जब मामला आखिरकार अपनी आखिरी lap में पहुंच गया तो उपभोक्ता मंच ने बताया कि जब समस्या हुई तो सेलफोन एक साल की वॉरंटी के तहत था, लेकिन शाओमी सर्विस सेंटर ने गैरकानूनी रिपेयर चार्ज किया, जो कि एक अनुचित व्यापार प्रथा है। न्यायाधीशों ने कहा कि जब शिकायतकर्ता फोन की मुफ्त मरम्मत/प्रतिस्थापन का हकदार है, तो उसे एक नए हैंडसेट खरीदने का सुझाव स्पष्ट रूप से शाओमी के हिस्से की सेवा की कमी के बराबर है।

अपने अंतिम फैसले में, अदालत ने कथित तौर पर शाओमी और टीवीएस इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को मधुसूदन को 10,999 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था, जिसमें उनके क्षतिग्रस्त हैंडसेट के लिए पूरी वापसी भी शामिल थी।

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Xiaomi Redmi 2

5999

Android OS, v4.4.4 (KitKat)
Qualcomm 64-bit Snapdragon 410 Quad-core 1.2 GHz Cortex-A53
8 MP, 3264 x 2448 pixels, autofocus, LED flash
  • Published Date: February 5, 2018 6:00 PM IST