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जेड-कॉम और डीयू मिलकर बनाएंगे वाई-फाई उपकरण

उत्पादों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जेड-कॉम ने स्थानीय विनिर्माण दिग्गजों, क्लाउडेटिक्स और फ्रंटलाइन के साथ मिलकर काम किया है।

  • Published: March 22, 2018 12:12 PM IST
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वैश्विक आईटी समाधान प्रदाता जेड-कॉम ने दिल्ली विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फर्मेटिक्स एंड कम्युनिकेशन के साथ मिलकर कैरियर ग्रेड वाई-फाई उपकरणों के डिजाइन, विकास और विनिर्माण की संयुक्त परियोजना शुरू की है। वर्तमान में परियोजना के तहत वाई-फाई के लिए आउटडोर एक्सेस पॉइंट और इनडोर एक्सेस पॉइंट तैयार किया जाएगा। दिल्ली विश्वविद्यालय के अनुसंधान और विकास सेल द्वारा तैयार संसाधित और प्रबंधित सॉफ्टवेयर से नियोजित इनडोर और आउटडोर वाई-फाई एक्सेस पॉइंट यहां एक समारोह में लांच किया गया। यह उद्योग और शिक्षा के बीच एक तरह की सहयोगी परियोजना है जिसका उद्देश्य ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देना है।

उत्पादों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जेड-कॉम ने स्थानीय विनिर्माण दिग्गजों, क्लाउडेटिक्स और फ्रंटलाइन के साथ मिलकर काम किया है।जेड-कॉम के प्रबंध निदेशक राजेश कपूर ने कहा, “भारतीय वाई-फाई हॉटस्पॉट मार्केट उपलब्धता और उपभोक्ता एवं औद्योगिक वर्टिकल पर आधारित है। उपलब्धता के आधार पर इसे कंपोनेंट, सॉफ्टवेयर और सेवाओं में विभाजित किया गया है। कंपोनेंट के अनुसार बाजार को वायरलेस हॉटस्पॉट गेटवे, वायरलेस हॉटस्पॉट नियंत्रकों और मोबाइल हॉटस्पॉट उपकरणों में वर्गीकृत किया गया है।”

उन्होंने कहा कि उद्योग के आधार पर वैश्विक वाई-फाई हॉटस्पॉट बाजार पूरे दूरसंचार और आईटी, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, आतिथ्य, परिवहन, खुदरा और अन्य क्षेत्रों में विभाजित है। दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ सहयोगी परियोजना न केवल मेक इन इंडिया के लिए मौजूदा वाई-फाई कंपोनेंट, सॉफ्टवेयर और सेवाओं की श्रृंखला बनाने के लिए एक रणनीतिक गठबंधन है बल्कि वाई-फाई हॉटस्पॉट बाजार के लिए नेक्स्ट जनरेशन उत्पादों और समाधानों के लिए संयुक्त अनुसंधान और विकास भी शामिल है।

क्लाउडेटिक्स के प्रबंध निदेशक संजय शर्मा के मुताबिक, “वैश्विक वाई-फाई हॉटस्पॉट बाजार 2017 में 1.766 अरब डॉलर का था, जो 2023 तक 5.198 अरब तक पहुंचने की उम्मीद है अर्थात 2017 से 2023 तक 16.9 प्रतिशत के सीएजीआर की वृद्धि हो रही है।”

क्लाउडडेटिक्स के प्रबंध निदेशक का कहना है, “करीब 150 लोगों के लिए एक वाई.फाई हॉटस्पॉट के वैश्विक स्तर तक पहुंचने के लिए, वर्तमान 31,000 हॉटस्पॉट की उपलब्धता के मुकाबले, भारत को 80 लाख से अधिक हॉटस्पॉट की आवश्यकता है।”

फ्रंटलाइन समूह के अध्यक्ष डॉ संजय सिन्हा के अनुसार, “वाई-फाई का उपयोग ज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित अर्थव्यवस्थाओं को गति प्रदान करने और साथ ही अतिरिक्त जीडीपी विकास प्राप्त करने के लिए अनिवार्य हो गया है।”

दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन . प्रोफेसर पी के बर्मा ने बताया, “जेड.कॉम और आईआईसी के साथ सहयोगी परियोजना का उद्देश्य वाई-फाई हॉटस्पॉट बाजार की पूर्ति हेतु पूरी वाई-फाई श्रेणी के उत्पादों के निर्माण के लिए संपूर्ण ईको सिस्टम और विनिर्माण प्रक्रियाओं को स्थापित करना है।”

  • Published Date: March 22, 2018 12:12 PM IST