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ये हैं बेस्ट स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी जो हमें इस साल अब तक देखनें को मिलीं

आइए जानते हैं उन तकनीक के बारे में जिन्होंने साल 2017 में आए स्मार्टफोन्स को बदल कर रख दिया।

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आज के समय में बहुत सारी टेक्नोलॉजी का आविष्कार किया जा रहा है। आए दिन हम देखते हैं कि हमारी जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले घरेलू उपरकरणों से लेकर कारें, बाइक सहित जीवन के सभी पहलुओं पर टेक्नोलॉजी हावी हो रही है। वहीं, सबसे कम अवधि में सबसे अधिक वृद्धि अगर किसी फिल्ड में देखी गई है तो वह स्मार्टफोन उद्योग। यह कहना गलत नहीं होगा कि आए दिन मोबाइल फोन निर्माता कंपनियों अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए नई-नई तकनीक का विकास कर रही हैं। ऐसा लगता है मानों सभी कंपनियों में अपने ग्राहको बेस्ट देने की होड़ लगी हो।

जैसे-जैसे दिन गुजर रहे हैं छोटे से डिवाइस में ऐसी तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे किसी भी आम इंसान का काम और आसान हो सके। आज हम ऐसे समय में आ पहुंचे हैं, जहां छोटे से दिखने वाले स्मार्टफोन में कई तकनीक को लैस किया जा सकता है। आज हम ऐसी ही 3 तकनीक के बारे में बात करेंगे जिनके आने से स्मार्टफोन इंडस्ट्री को बिल्कुल बदल कर रख दिया है।

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Iris Scanner
सैमसंग ने हाल ही में लॉन्च किए गए अपने नए फ्लैगशिप स्मार्टफोन Galaxy S8 और S8+ के साथ आईरिस स्कैनर को पेश किया था। सैमसंग द्वारा अपने फोन्स में पहली बार पेश की गई इस आईरिस टेक्नोलॉजी की मदद से फोन यूजर की आंखों से अनूठे पैटर्न पढ़कर फोन को अनलॉक कर देता है। यह दोहराए जाने के लिए लगभग असंभव है, जिसका अर्थ है कि आईरिस प्रमाणीकरण आपके फोन को लॉक रखने और इसकी सामग्री को निजी रखने के लिए सबसे सुरक्षित तरीका है। आपको बस अपने Galaxy S8 या S8+ को पकड़ने की जरूरत है और अपने आईरिस को स्कैन करने के लिए स्क्रीन पर ट्विन सर्कल के साथ अपनी आंखें दिखानी होंगी।

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Better low light photography
बैटरी लो लाइट फोटोग्राफी की मदद से अब आखिरकार गूगल ने एल्गोरिदम को पिक्सल के साथ एक बेहतर कम रोशनी वाली फोटोग्राफी में क्रैक करने में कामयाबी हासिल की है। जब हम कोडिंग के बारे में बात करते हैं तो कंपनी ने सॉफ्टवेयर पक्ष पर कड़ी मेहनत की ओर नया जीरोस्कोप-आधारित वीडियो स्टेबलाइजेशन सिस्टम को बनया जो कि कि गियर डाटा को स्मूथ पेंसिंग और शेक-फ्री वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए प्रति सेकंड 200 रिकॉर्ड करता है।

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Dual camera
फिंगरप्रिंट स्कैनर के बाद डुअल कैमरे के साथ आने वाले स्मार्टफोन काफी आम हो गए हैं। लेकिन, यह टेक्नोलॉजी के बारे में शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा। डुअल कैमरा सेटअप मोबाइल मार्केट में एक नया ट्रेंड बन चुका है। डुअल सेटअप में दो कैमरा लैंस जो कि होरिजोंटली या वर्टिकली होते हैं। जब एक प्राइमरी लेंस सारे मेजर काम कर रहा होता है तो दूसरा लेंस एडिशनल लाइट, फिल्ड ऑफ व्यू को बढ़ाने और बैकग्राउंड को ब्लर करने का काम करता है।