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Vivo ने अंडर-डिसप्ले फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ लॉन्च किया Vivo X20 Plus स्मार्टफोन, जानें क्या है ये तकनीकी

Vivo ने शंघई में हुए MWC 2017 इवेंट में पहली बार इस तकनीकी को पेश किया गया था और एक साल बाद आज Vivo ने इसे अपने Vivo V20 Plus स्मार्टफोन के साथ दिया है।

vivo under-display fingerprint scanner

जहां फिंगरप्रिंट सेंसर आज दुनियाभर में स्मार्टफोन के लिए एक सबसे जरुरी फीचर बनकर उभरा है वहीँ इसे नए नए रूप में सभी स्मार्टफोंस में पेश किया जा रहा है, यह किसी भी स्मार्टफोन के लिए एक बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का एक महत्त्वपूर्ण जरिया है, फिंगरप्रिंट सेंसर आपके फोन की सुरक्षा के लिए भी बहुत ही जरुरी है। इस तकनीक में कुछ बदलाव करते हुए या यूँ कहें कि इस तकनीक को और कारगर बनाने के लिए Vivo ने शंघई में हुए MWC 2017 इवेंट में एक नई ही तरह कि फिंगरप्रिंट स्कैनर तकनीक को पेश किया था। Vivo ने इस पूरी प्रक्रिया को ही एक नया आयाम प्रदान किया है। खासकर उन फिंगरप्रिंट स्कैनर्स के लिए जो डबल टैप करने पर फिंगरप्रिंट सेंसर के रूप में काम करते हैं। वहीं, आज कंपनी ने पहली बार Vivo X20 Plus स्मार्टफोन में इसे पेश किया है।

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जैसा कि सभी जानते हैं कि आने वाले समय में होम बटन को स्क्रीन से हटा ही दिया जाएगा जिसका सिलसिला सैमसंग ने शुरू कर दिया है। हालाँकि एक सवाल अब उठता है कि अगर फिंगरप्रिंट सेंसर को फोन के बैक में नहीं रखा जाता और होम बटन फोन में होगा नहीं तो क्या किया जाए। Vivo ने शायद इसी का हल ढूंढ लिया है। आने वाले समय में फिंगरप्रिंट स्कैनर आपकी स्क्रीन में ही होने वाला है। आइये जानते हैं Vivo ने जिस नई तकनीक या यूँ कहें कि फिंगरप्रिंट स्कैनर की नई परिभाषा को रचा है वह कैसे काम करती है।

क्या है ये नई तकनीक?

Vivo की अंडर-डिसप्ले तकनीक क्वालकॉम की अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर्स की तकनीकी पर आधारित है। इस तकनीक में आपको किसी एक अलग से सेंसर की जरूरत नहीं है। जैसा कि आप अब तक देखते हैं आये हैं कि फिंगरप्रिंट स्कैनर को या तो होम बटन में जगह दी जाती है या फिर इसे फोन के साइड में या बैक में जगह दी जाती है। ताकि इसपर टैप करने पर आपका फोन अनलॉक हो सके। ये नई तकनीक आपकी पूरी OLED स्क्रीन, मेटल फ्रेम इसके अलावा प्लास्टिक या सिरेमिक फ्रेम भी इसमें शामिल है, ये सभी पूरी तरह से ये काम कर सकेंगे।

कैसे करती है काम?

Vivo ने जो हल ढूंढा है, वह यह है कि आपकी डिस्प्ले को ही फिंगरप्रिंट स्कैनर की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। अब आपकी स्क्रीन ही (OLED) फिंगरप्रिंट स्कैनर का काम कर सकने में सक्षम होगी।

इस नई तकनीक में कुछ अल्ट्रासोनिक सिग्नल आपकी OLED डिसप्ले से गुजारे जायेंगे, इसके बाद ये ही सिग्नल 3D मैप का निर्माण करेंगे आपकी डिसप्ले के अंदर और ऐसे ही ये तकनीक काम करेगी। इस तस्वीर को देखकर आपको कुछ कुछ अंदाजा हो जाएगा कि ये तकनीक आखिर किस प्रकार से काम करेगी।

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vivo under-display fingerprint closeup

इस नई तकनीक और पारंपरिक सेंसर्स में क्या है अंतर?

इस तकनीक को क्वालकॉम के द्वारा टीज़ किया गया था, और यह 400μm ग्लास की क्षमता रखती है, हालाँकि पारंपरिक स्कैनर 300μm तक ही जाती है। हालाँकि Vivo ने इन सब को बदलकर रख दिया है। और आपको बता दें कि Vivo के द्वारा लाई जा रही तकनीकी 525μm से 800μm ग्लास तक जा सकती है।

vivo ultrasonic fingerprint scanner

क्या है भविष्य?

यहाँ आपको ये भी बता दें कि अभी ये तकनीकी महज़ एक कॉन्सेप्ट है और इसे अभी एक प्रोडक्ट के रूप में पेश भी नहीं किया गया है। हालाँकि कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में फिंगरप्रिंट स्कैनर के लिए एक डेडिकेटेड बटन की जरूरत नहीं होने वाली है। और फिंगरप्रिंट स्कैनर को आप जल्द ही डिसप्ले में देख पायेंगे।

और जैसा कि कहा जा रहा है कि ये तकनीकी अभी के सेंसर से अलग वाटरप्रूफ और एंटी-एम्बिएंट लाइट फीचर के साथ आएगी। तो आप वाटरप्रूफिंग के साथ अपनी डिसप्ले में ही इसे इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके सॉफ्टवेयर में कुछ ट्विक्स किये जाने हैं। ताकि जेस्चर्स रिकग्निशन, सिक्यूरिटी वेरिफिकेशन और आदि को भी अलाओ किया जा सके।

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Also Read in English: Vivo under-display fingerprint scanner: Here’s how the technology works

  • Published Date: June 30, 2017 11:00 AM IST
  • Updated Date: January 22, 2018 4:19 PM IST