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फेसबुक एम होगा आपका असली डिजिटल एसिस्टेंट, करेगा हर ख्वाहिश पूरी

अब तक आपने एप्पल की सीरी और माइक्रोसाॅफ्ट की कोर्टाना जैसे वॉयस असिस्टेंट क

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अब तक आपने एप्पल की सीरी और माइक्रोसाॅफ्ट की कोर्टाना जैसे वॉयस असिस्टेंट के बारे में सुना होगा। परंतु अब सोशल नेटवर्किंग एप्लिकेशन फेसबुक एक नई पर्सनल असिस्टेंट सेवा लेकर आया है। कंपनी ने इसका नाम फेसबुक एम दिया है। हलांकि कंपनी ने इसे फिलहाल शुरुआती तौर पर लाॅन्च किया है लकिन जल्द ही हर किसी के लिए उपलब्ध होगा।

फेसबुक की एम सेवा फिलहाल भारत के भी कुछ शहरों में उपलब्ध है। वहीं फिलहाल हर किसी के फेसबुक पर ही उपलब्ध नहीं है। हालांकि कंपनी का कहना है कि धीरे-धीरे ही सही लेकिन फेसबुक एम सेवा सबके लिए उपलब्ध होगी जिससे हर कोई इससे लाभान्वित हो सकें।

फेसबुक की यह एम सर्विस दूसरे वाॅयस असिस्टेंट से थोड़ा अलग है। यह आपके लिए काॅल और मैसेज नहीं भेजेगा बल्कि रेस्टोरेंट और कैब बुक करने के अलावा गिफ्ट भेजने का भी कार्य करेगा। इतना ही नहीं यह आपके लिए खरीदारी, पार्टी का इंतजाम और लेन देन सहित कई अन्य कार्यों को भी करने में सक्षम है।

इस बारे में डेविड मार्कस, वाइस प्रेसिडेंट आॅफ मैसेजिंग प्रोडक्ट, फेसबुक कहते हैं कि ”सोशल नेटवर्किंग सर्विस फेसबुक उपभोक्ताओं के लिए एक ऐसा वाॅयस असिस्टेंट बनाया जो सिर्फ डिजिटल असिस्टेंट नहीं बल्कि डिजिटल हेल्पर है। मार्कस कहते हैं कि ‘‘यह उन कार्यों को करने में सक्षम है जो फिलहाल कोई और वॉयस आसिस्टेंट नहीं कर सकता।’’ उन्होंने बताया कि ‘‘यह असिस्टेंट अपनी कृत्रिम बुद्धि​ का उपयोग कर बिल्कुल एक मनुष्य के समान कार्य कर सकता है।’’

फेसबुक एम कैसे है औरों से बेहतर
अब तक जितने भी वाॅयस असिस्टेंट सर्विस हैं वे आपके फोन से जुड़े कार्यों को ही निबटाने में सक्षम हैं। जैसे आप उनकी मदद से किसी को काॅल कर सकते हैं, मौसम का हाल जान सकते हैं या फिर फोन से किसी टास्क को ओपेन कर सकते हैं। परंतु फेसबुक एम आपके फोन के नहीं बल्कि फोन के बाहर के कार्यों को भी निभाएगा।

इस बारे में मार्कस कहते हैं कि ‘‘हमारी कमी यह है कि फेसबुक कोई आॅपरेटिंग सिस्टम नहीं है। ऐसे में फेसबुक एप आपको पहले से फोन में नहीं मिलेंगे। इसे आपको फोन में डाउनलोड करना होगा। परंतु हमारे पास अवसर है कि हम उन कार्यों को करें जो फिलहाल सीरी, कोर्टाना और गूगल नाउ नहीं कर रहे हैं।’’

एम में एक हाईब्रीड असिस्टेंट है जिसमें कृत्रिम ही सही लेकिन अपनी बुद्धि और क्षमता है। इसके के साथ ही इसे फेसबुक कर्मचारियों द्वारा इस तरह से प्रशिक्षित किया गया है जिससे कि आपकी हरेक मांग को पूरी कर सके।

कैसे करता है कार्य
इस सेवा के उपयोग के लिए उपभोक्ता को पहले नीचे दिए गए बटन को टैप कर एम को नोट भेजना है। फेसबुक एम के माध्यम से यह संदेश किसी को भी जा सकता है। एम साॅफ्टवेयर उसे अपनी भाषा में डीकोड करेगा और फिर आपसे उस टास्क से सम्बंधित कुछ सवाल पूछ कर कार्य पूरा होते ही आपको जानकारी दी जाएगी।

एक उपभोक्ता के लिए लिहाज से उसका काम आसानी से होना जरूरी है। उपभोक्ता को यह मतलब नहीं है कि उसका कार्य कंप्यूटर कर रहा है या कोई इंसान। हालांकि सीरी और कोर्टाना की तरह इसमें एम में आप कोई लिंग भेद महिला या पुरूष नहीं कर सकते।

अपने इन कार्यों को निबटाने के लिए एम आपके फेसबुक के सोशल डाटा का उपयोग नहीं करेगा। बल्कि एक आपके अनुरोध और बातचीत के आधार पर ही कार्यों को पूरा करेगा। इस बारे में मार्कस का कहना है कि ‘‘फेसबुक एम सेवा सभी उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त में उपलब्ध है।’’

लंबी कोशिश का परिणाम है एम
फेसबुक एम को बनाने के लिए काफी मेहनत की गई है जिससे कि यह बेहतर रूप से कार्यों को निबटा सके। फेसबुक कर्मचारियों ने एम को डिजाइन करने के बाद उस पर कई हफ्तों तक टेस्ट किया गया। इसके माध्यम से पार्टी और डिनर का इंतजाम किया गया। इसके साथ ही पेरिस में फ्रेंच स्टाइल में आर्डर किए गए। हालांकि शुरुआत में थोड़ी परेशानी हुई लेकिन बाद में उस भाषा को डिकोड करने लगा और इसने सभी कार्यों को भली-भांति निबटाया।

मनुष्यों की तरह करता है व्यवहार
मार्कस का कहना है कि ‘‘फेसबुक एम के माध्यम से आपकी सेवा में एक व्यक्ति को रखा गया है। इसके पीछे फेसबुक एम ट्रेनर की कड़ी मेहनत है। उन्होंने फेसबुक एम को इस तरह से तैयार किया कि इस तरह का कार्य कोई दूसरा साॅफ्टवेयर नहीं कर सकता। यदि आप एम को अपने दोस्त के लिए बर्थडे पार्टी का इंतजाम करने के लिए कहते हैं तो साॅफ्टवेयर टैक्सी से लेकर रेस्टोरेंट तक की बुकिंग कर देगा। जबकि एक इंसान उसे उसकी पसंदीदा बेकरी से रात में ही सरप्राइज गिफ्ट भेजेगा। फेसबुक एम मनुष्यों के इन्हीं व्यवहारों को सीखता और समझता है।’’

क्या है कंपनी की कोशिश
फेसबुक एम के माध्यम से कंपनी की कोशिश उपभोक्ताओं को बेहतर से बेहतर सेवा देने की है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग फेसबुक एम से जुड़ सकें। हालांकि इस मुख्य उद्देश्य व्यवसायिक ही है जिससे कंपनी को मुनाफा हो। इस सेवा के साथ कंपनी अन्य कंपनियों के साथ साझेदारी कर सकती है जो एम पर किए गए अनुरोध को पूरी कर सकें। जैसे यदि किसी के बर्थ डे पार्टी का इंतजाम करना है तो कैब, रेस्टोरेंट से लेकर बेकरी तक की कंपनियों से फेसबुक की साझेदारी होगी। फेसबुक एम पर की गई रिक्वेस्ट इन्हीं को जाएगी और यह उसे पूरी कर सकते हैं।

स्रोत- फेसबुक, वायर्ड

  • Published Date: August 27, 2015 2:37 PM IST
  • Updated Date: August 27, 2015 2:38 PM IST