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सावधान! मानव तस्करी के लिए हो रहा है सोशल मीडिया का इस्तेमाल

तस्कर इंटरनेट के जरिए कमजोर बच्चों तक अपनी पहुंच बनाते हैं और उसके बाद उनकी तस्करी करते हैं।

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मानव तस्करी के लिए सोशल मीडिया साइट्स का इस्तेमाल हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, टिंडर और स्नैपचैट के जरिए मानव तस्करी को अंजाम दिया जा रहा है। एक नए शोध में इस बात का खुलासा हुआ है। स्टडी में बताया गया है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और डेटिंग साइट्स टिंडर, ब्लेंडर और येल्लो के जरिए मानव तस्करी को अंजाम दिया जा रहा है।इन माध्यमों के जरिए कमजोरों को शिकार बनाकर मानव तस्करी को अंजाम दिया जा रहा है।

स्टडी में बताया गया है कि सोशल साइट और डेटिंग एप्स के जरिए मानव तस्कर कमजोर बच्चों को निशाना बनाते हैं।

किसने किया है यह शोध?
इस स्टडी को ह्युमन ट्रैफिकिंग एंड सोशल जस्टिस इंस्टीट्यूट ऑफ द यूनिवर्सिटी ऑफ टोलेंडो ने किया है। यह यूनिवर्सिटी अमेरिका के ओहियो में है। इस स्टडी में बताया गया है कि तस्कर सोशल मीडिया साइट और डेटिंग एप्स के जरिए बच्चों की पोस्ट पर नजर रखते हैं और इसके बाद इन लोगों को ह्युमन ट्रैफिंग का शिकार बनाते हैं।

तस्कर इंटरनेट के जरिए कमजोर बच्चों तक अपनी पहुंच बनाते हैं और उसके बाद उनकी तस्करी करते हैं। इन साइटों के जरिए ही सेक्स ट्रैफिकिंग भी की जाती है। इस शोध का साफ कहना है कि मानव तस्करी में टेक्नोलॉजी बड़ी भूमिका निभा रही है। तस्कर टेक्नोलॉजी के जरिए इस काम को अंजाम दे रहे हैं।

 

 

  • Published Date: October 11, 2018 10:46 AM IST