comscore Instagram-Facebook के इन-ऐप ब्राउजर कर सकते हैं यूजर्स की जासूसी: रिपोर्ट
News

Instagram-Facebook के इन-ऐप ब्राउजर कर सकते हैं यूजर्स की जासूसी, रहती है पल-पल की खबर

Instagram या Facebook चलाते वक्त अगर आप किसी लिंक पर क्लिक करते हैं तो ये प्लैटफॉर्म यूजर को सफारी पर भेजने की जगह वेबसाइट्स को लोड करने के लिए अपने खुद के इन-ऐप ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं।

Instagram

This Instagram tool will protect you from receiving nude photos in the DMs: Details here (Image: Pixabay)



Instagram या Facebook में आप किसी एक्सटर्नल लिंक पर क्लिक करके ऐप को छोड़े बिना ही वेब ब्राउजिंग कर सकते हैं। मगर यह शायद इतना सेफ नहीं है। एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि इंस्टाग्राम या फेसबुक अपने इन-ऐप ब्राउजर के जरिए यूजर्स के एक्शन और टेक्स्ट इनपुट को ट्रैक कर सकता है, जिसमें पासवर्ड और क्रेडिट कार्ड की जानकारी भी शामिल है। आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं। Also Read - Jio ने बढ़ाई Instagram Reels और YouTube Shorts की टेंशन! ला रहा शॉर्ट वीडियो ऐप

Instagram-Facebook इन-ऐप ब्राउजर कर सकते हैं यूजर्स को ट्रैक

ज्यादातर आईफोन यूजर्स वेबसाइट्स को लोड करने के लिए Apple के Safari ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन Instagram या Facebook चलाते वक्त अगर आप किसी लिंक पर क्लिक करते हैं तो ये प्लैटफॉर्म यूजर को सफारी पर भेजने की जगह वेबसाइट्स को लोड करने के लिए अपने खुद के इन-ऐप ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं। Also Read - टेक कंपनियों का 'बुरा दौर'? Elon Musk हों या Mark Zuckerberg, हर रोज गंवा रहे हजारों करोड़

रिसर्चर Felix Krause के मुताबिक, इंस्टाग्राम ऐप अपने ट्रैकिंग कोड को हर दिखाई जाने वाली वेबसाइट में इंजेक्ट करता है, जिसमें विज्ञापनों पर क्लिक करने पर खुलने वाली साइट्स भी शामिल हैं। इसकी मदद से यह यूजर्स के एक्शन की निगरानी कर सकता है। खबर के मुताबिक, इस जावास्क्रिप्ट कोड की मदद से मेटा का यह ऐप यूजर्स द्वारा टैप किए हर बटन, लिंक, टेक्स्ट सेलेक्शन और स्क्रीनशॉट के साथ-साथ पासवर्ड, अड्रेस और क्रेडिट कार्ड नंबर भी देख सकता है। Also Read - Instagram में ऐसे करें Polls फीचर का यूज, बहुत आसान है तरीका

Krause की रिसर्च Facebook और Instagram के iOS वर्जन पर फोकस करती है, क्योंकि एप्पल यूजर्स को किसी भी ऐप को पहली बार चालू करने पर ट्रैकिंग को चालू या बंद करने का ऑप्शन देता है। ऐप ट्रैकिंग ट्रांसपैरेंसी (ATT) को एप्पल ने iOS 14.5 के साथ शुरू किया था। उस समय मेटा ने इसे अपने बिजनेस के लिए नुकसानदायक करार दिया था।

मेटा का जवाब

मेटा ने इस बारे में कहा कि इनका इंजेक्शन ट्रैकिंग कोड यूजर्स के ATT विकल्प को फॉलो करता है। कंपनी प्रवक्ता ने The Guardian को बताया, “कोड हमें लक्षित विज्ञापन या माप उद्देश्यों के लिए उपयोग करने से पहले उपयोगकर्ता डेटा एकत्र करने की अनुमति देता है। हम कोई पिक्सल नहीं जोड़ते हैं। कोड इंजेक्ट किया जाता है ताकि हम पिक्सल से कन्वर्जन इवेंट को जमा कर सकें। इन-ऐप ब्राउजर के माध्यम से की गई खरीदारी के लिए, हम ऑटोफिल के लिए भुगतान जानकारी को स्टोर करने के लिए यूजर्स से सहमति मांगते हैं।”

Krause का कहना है कि ऐसा जरूरी नहीं है कि मेटा जावास्क्रिप्ट इंजेक्शन के जरिए संवेदनशील डेटा एकत्र कर रहा हो। हालांकि, अगर इसके ऐप्स Safari या Firefox जैसे ब्राउजर खोलते हैं, तो किसी भी सुरक्षित साइट पर समान जावास्क्रिप्ट इंजेक्शन करने का कोई तरीका नहीं होगा। इसके उलट Instagram और Facebook के इन-ऐप ब्राउजर की अप्परोच “किसी भी वेबसाइट के लिए काम करती है, चाहे वह एन्क्रिप्टेड हो या नहीं।

ये आगे कहते हैं कि मेटा का मैसेजिंग ऐप WhatsApp थर्ड-पार्टी वेबसाइट को मॉडिफाई नहीं करता। ये अपना सुझाव बताते हुए कहते हैं कि मेटा को फेसबुक और इंस्टाग्राम के साथ भी ऐसा ही करना चाहिए, या फिर लिंक खोलने के लिए सफारी या किसी अन्य ब्राउजर का इस्तेमाल करना चाहिए।

  • Published Date: August 12, 2022 4:55 PM IST

दुनियाभर की लेटेस्ट tech news और reviews के साथ best recharge, पॉप्युलर मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव offers के लिए हमें फेसबुक, ट्विटर पर फॉलो करें। Also follow us on  Facebook Messenger for latest updates.