comscore WhatsApp ग्रुप एडमिन को राहत, हाईकोर्ट ने कहा- मैसेज के लिए नहीं है जिम्मेदार
News

WhatsApp ग्रुप एडमिन को राहत, मद्रास हाईकोर्ट ने भी कहा- सदस्यों के मैसेज के लिए नहीं है जिम्मेदार

बॉम्बे हाईकोर्ट के बाद अब मद्रास हाईकोर्ट ने भी कहा कि WhatsApp ग्रुप में आए किसी भी मैसेज के लिए ग्रुप के एडमिन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

  • Published: December 30, 2021 10:30 AM IST
WhatsApp

Image: Pixabay


WhatsApp Group Administrator Case: मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने इस साल की शुरुआत में व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर मामले पर दिए गए बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को अभी भी बरकरार रखा है। कोर्ट का कहना है कि WhatsApp Group में ग्रुप के सदस्यों द्वारा पोस्ट किए जाने वाले आपत्तिजनक कंटेंट के लिए उस ग्रुप के एडमिन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर इस मामले की जांच में यह सामने आया कि इसमें ग्रुप का एडमिन भी शामिल है, तब उस पर कानूनी कारर्वाई की जा सकती है। Also Read - WhatsApp में आने वाला है जबरदस्त फीचर, फोटो और वीडियो को एडिट करने के लिए मिलेंगी 2 नई पेंसिल

जस्टिस जी आर स्वामीनाथन ने करूर जिला पुलिस को एक वकील का नाम हटाने का निर्देश भी दिया है। बता दें कि यह वकील WhatsApp ग्रुप Karur lawyers का एडमिन था। पीठ ने कहा कि अगर वकील आर राजेंद्र केवल एक ग्रुप के एडमिनिस्ट्रेटर हैं तो उन्हें आपराधिक कार्यवाही का चेहरा नहीं बनाया जाना चाहिए। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर पुलिस को उनके खिलाफ कोई और सबूत मिलता है तो राजेंद्र को इसके लिए जिम्मदेरा ठहराया जा सकता है। Also Read - WhatsApp में आएगा कमाल का फीचर, चैट विंडो बंद होने के बाद भी सुन पाएंगे वॉइस मैसेज

WhatsApp के इस ममाले पर बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला

इससे पहले इस साल की शुरुआत में बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फैसला दिया था, जिसमें कहा गया था कि ग्रुप एडमिन के पास किसी सदस्य को हटाने और अन्य सदस्य को जोड़ने के लिए सीमित पावर होती है। WhatsApp ग्रुप के एडमिन के पास ऐसी कोई सुविधा नहीं होती कि वह ग्रुप में पोस्ट होने वाले कंटेंट को पोस्ट होने से पहले रेगुलेट और मॉडरेट कर सके। हालांकि, अगर व्हाट्सऐप ग्रुप का कोई सदस्य कोई ऐसा कंटेट पोस्ट करता है, जिस पर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए तो ऐसे व्यक्ति को कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत उत्तरदायी माना जा सकता है। साथ ही अगर पता चलता है कि ग्रुप का एडमिन और सदस्य दोनों इस साजिश में पहले से ही शामिल थे तो ऐसे में एडमिश को भी जिम्मेदार कहा जा सकता है। Also Read - Signal ऐप से भी अब WhatsApp की तरह कर पाएंगे पेमेंट, जानें कैसे काम करता है यह फीचर

क्या है पूरा मामला?

अगर आपको इस मामले के बारे में नहीं पता है तो बता दें कि Pachaiyappan ग्रुप के एक सदस्य ने ग्रुप चैट में कुछ बहुत आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किया था। इस घटना के बाद उन्हें ग्रुप से हटा दिया गया, लेकिन बाद में उन्हें फिर से ग्रुप में ऐड कर दिया गया। इसके बाद ग्रुप के एक अन्य सदस्य और एक वकील ने भी थानथोनीमलाई पुलिस में शिकायत दर्ज की। यह मामला अगस्त, 2020 में दर्ज किया गया था। FIR में राजेंद्र का नाम भी शामिल था। बाद में वे इस ममाले को लेकर उच्च न्यायालय में चले गए।

दुनियाभर की लेटेस्ट tech news और reviews के साथ best recharge, पॉप्युलर मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव offers के लिए हमें फेसबुक, ट्विटर पर फॉलो करें। Also follow us on  Facebook Messenger for latest updates.

  • Published Date: December 30, 2021 10:30 AM IST



new arrivals in india

Best Sellers