comscore RBI कमेटी ने दिए बड़े सुझाव, उधार देने वाले 1100 मोबाइल ऐप्स में से 600 से ज्यादा हैं फर्जी
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लोन देने वाले फर्जी ऐप्स पर कसेगा शिकंजा, RBI कमेटी की जांच में हुआ बड़ा खुलासा

RBI कमेटी ने Digital Loan Apps को लेकर कई सुझाव दिए हैं और खुलासे भी किए हैं। कमेटी के मुताबिक, भारत में एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर मौजूद 1100 ऐसे ऐप्स में से 600 से ज्यादा फर्जी हैं। आइए जानते हैं आरबीआई ने क्या सुझाव दिए हैं।

Instant Loan Apps

देश में डिजिटल लेंडिंग ऐप्स (ऑनलाइन लोन देने वाले ऐप्स) पर शिकंजा कसने की तैयारी हो रही है। केंद्रीय बैंक द्वारा जनवरी में गठित एक कमेटी ने ग्राहकों के हित की सुरक्षा के लिए एक नोडल एजेंसी के गठन का सुझाव दिया गया है। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान गैरकानूनी डिजिटल लोन के कई मामले सामने आए हैं। ग्राहकों के हितों के संरक्षण के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक कार्यसमूह ने ऐप के जरिए ‘गैरकानूनी डिजिटल लोन’ को रोकने को एक अलग कानून बनाने का सुझाव दिया है। Also Read - Amazon Prime का मंथली सब्सक्रिप्शन प्लान आया वापस, जानें कीमत और नए नियम

RBI कमेटी ने दिया सुझाव

कार्यसमूह ने इसके अलावा कर्ज प्रदान करने वाले ऐप के किसी नोडल एजेंसी द्वारा सत्यापन और डिजिटल लोन पारिस्थितिकी तंत्र में ग्राहकों के लिए एक स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) की स्थापना का भी सुझाव दिया है। आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘रिपोर्ट में ग्राहक सुरक्षा को बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए डिजिटल लोन पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।’ Also Read - Cyber Crime रोकने के लिए गृह मंत्रालय ने जारी किया नेशनल हेल्पलाइन नंबर, जानें किस तरह करेगा काम?

रिजर्व बैंक (RBI) ने जनवरी, 2021 में डिजिटल माध्यम समेत ऑनलाइन मंचों और मोबाइल ऐप के जरिए लोन दिए जाने को लेकर कार्यकारी निदेशक जयंत कुमार दास की अध्यक्षता में कार्यसमूह का गठन किया था। डिजिटल लोन गतिविधियों में तेजी से उत्पन्न होने वाले व्यावसायिक आचरण और ग्राहक सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इस कार्यसमूह की स्थापना की गई थी। जिसने अपने सुझाव दिए हैं। Also Read - Yes Bank के ग्राहकों के लिए अच्छी खबर, अब इस्तेमाल कर सकेंगे सभी सेवाएं

1100 में से 600 ऐप्स हैं फर्जी

कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जनवरी से 28 फरवरी के बीच भारतीय बाजार में 80 से ज्यादा एंड्रॉइड ऐप्लिकेशन स्टोर पर लगभग 1100 लेंटिंग ऐप्स मौजूद रहे। पैनल ने पाया कि इनमें से 600 ऐप्स गैरकानूनी हैं। कमेटी ने सुझाव दिया है कि केंद्र सरकार को एक कानून पर विचार करना चाहिए, जो अवैध लोन देने की गतिविधियों पर रोक लगा सके। कोरोना वायरस महामारी के दौरान लोगों ने ‘एक क्लिक में लोन’ देने वाले ऐप्स की ओर रुख किया है। हालांकि, जब उधार देने वाला लोन चुकाने में असमर्थ होता है, तो इन कंपनियों ने जबरदस्ती वसूली और बहुत ज्यादा ब्याज दर लगाने जैसे कदम उठाए हैं।
(भाषा इनपुट के साथ)

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  • Published Date: November 19, 2021 10:02 AM IST



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