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भारत में व्हॉट्सएप और Skype पर लटक सकती है TRAI की तलवार

TRAI मैसेजिंग एप व्हॉट्सएप व Skype को रेगुलेट करने पर विचार कर रहा है।

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TRAI मैसेजिंग एप व्हॉट्सएप व Skype को रेगुलेट करने पर विचार कर रहा है। इन मैसेजिंग एप्स पर टेलीकॉम रेगुलेटर की तलवार लटक सकती है। ट्राई का कहना है क्या इकॉनमी और सिक्योरिटी मैटर की वजह से कम्युनिकेशन एप्स जैसे की  WhatsApp, Skype  और Viber को रेगुलेट करना चाहिए? TRAI इस कदम पर इसलिए विचार कर रहा है क्योंकि मैसेजिंग एप्स व्हॉट्सएप, स्काईप और वाइबर ने नेट न्यूट्रैलिटी का विरोध किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्राई चाहता है कि नेट न्यूट्रैलिटी का विरोध करने वाले इन मैसेजिंग एप्स को रेगुलेट किया जाना चाहिए। इस संबंध में विचार करने के लिए द टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( ट्राई) ने सोमवार को इंडस्ट्री व्यूज को इनवाइट किया था। ट्राई ने इंडस्ट्री व्यूज इनवाइट कर पूछा था कि क्या OTT ( अॉवर द टॉप) सर्विस को रेगुलेटरी रेजिम में लाना चाहिए कि नहीं।

व्हॉट्सएप जैसे कम्युनिकेशन एप्स का भारत में काफी दुरुपयोग भी हुआ है। भारत में झूठी अफवाहों व फेक न्यूज के लिए व्हॉट्सएप जिम्मेदार है। इससे हिंसा भड़कने के भी कई मामले सामने आए हैं। ऐसे वक्त में इन एप्स को ट्रेस करना काफी मुश्किल होता है। इसलिए, भारत सरकार वक्त-वक्त पर फेसबुक व व्हॉट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऐसा सिस्टम बनाने का निर्देश देती रहती है ताकि फेक न्यूज पर लगाम लग सके।

 

  • Published Date: November 13, 2018 9:48 AM IST