comscore
News

व्हॉट्सएप ने कहा- भारत में स्थानीय तौर पर स्टोर किया जाएगा डाटा पेमेंट्स

व्हॉट्सएप ने भारतीय रिजर्व बैंक के नॉर्म के हिसाब से डाटा लोकलाइजेशन (डाटा स्थानीयकरण ) की प्रक्रिया का पालन करना शुरू कर दिया है।

WhatsApp logo photo 805px

सोशल मीडिया साइट फेसबुक के स्वामित्व वाला व्हॉट्सएप भारत में एक ऐसा सिस्टम बनाएगा जो कि पेमेंट्स-रिलेटिड डाटा को स्टोर करेगा। लोकप्रिय मैसेजिंग एप व्हॉट्सएप ने भारतीय रिजर्व बैंक के नॉर्म के हिसाब से डाटा लोकलाइजेशन (डाटा स्थानीयकरण ) की प्रक्रिया का पालन करना शुरू कर दिया है। व्हॉट्सएप के प्रवक्ता का कहना है कि उन्होंने इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है। यह पायलट प्रोजेक्ट देश के 10 लाख यूजर्स के लिए शुरू किया गया है।

व्हॉट्सएप के प्रवक्ता का कहना है कि हमने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जो कि भारत में पेमेंट्स-रिलेटिड डाटा को स्थानीय तौर पर स्टोर करेगा।

व्हॉट्सएप के प्रवक्ता का कहना है कि व्हॉट्सएप पेमेंट भारत के लोगों के दैनिक जीवन के लिए यूजफुल होगा। उन्होंने कहा कि हम इस सिस्टम को जल्द ही पूरे भारत के लिए शुरू करेंगे। अभी इसका पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने ऐसा करने के लिए कंपनियों को 15 अक्टूबर तक की मोहलत दी थी।

व्हॉट्सएप के अलावा गूगल, मास्टरकार्ड,पेपल, फेसबुक और अमेरिकन वीजा को भी आरबीआई के इस दिशानिर्देश को मानना होगा। आरबीआई ने 6 अप्रैल को अपने दिशा-निर्देश में भुगतान सेवा देने वाले सभी परिचालकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि भुगतान संबंधी सभी आंकड़ों का संग्रहण उन्हें केवल भारत में ही स्थापित एक प्रणाली या सर्वर पर रखना होगा।

  • Published Date: October 10, 2018 11:07 AM IST