comscore सेफ्टी से समझौता नहीं! Indian Government ने वापस बुलाईं 13 लाख गाड़ियां
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सुरक्षा में गड़बड़ी, एक साल में वापस बुलाई गईं 13 लाख गाड़ियां

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) के मुताबिक भारत में 13 लाख से ज्यादा गाड़ियों को रिकॉल किया गया है। इनमें टेक्निकल और सेफ्टी से जुड़ी समस्याएं थीं।

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Credit: Pixabay


भारत में फाईनेंशियल ईयर 2021-22 के बीच गाड़ियों की सेफ्टी से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मिनिस्ट्री (MORTHINDIA) के मुताबिक इस दौरान 13 लाख से ज्यादा टू-वीलर्स और पैसेंजर कार्स को सेफ्टी मुद्दों की वजह से रिकॉल किया गया है। Also Read - सरकार का जोरदार प्लान! दिल्ली से मुंबई के बीच जल्द होगी Electric Highway की शुरुआत

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने लोकसभा में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सेफ्टी इशूज की वजह से देश में 2021-22 के बीच 8,64,557 टू-वीलर्स और 4,67,311 पैसेंजर कार्स को रिकॉल किया गया है। Also Read - इस तारीख से होगी Bharat NCAP की शुरुआत, अब सरकार तय करेगी Indian Cars की सेफ्टी रेटिंग

केंद्रीय मंत्री यह भी बताया कि 15 जुलाई 2022 तक 1,60,025 टू-वीलर्स और 25,142 पैसेंजर कार्स को रिकॉल किया गया था। इसके अलावा 2020-21 में 3.39 लाख से अधिक गाड़ियों (टू-वीलर्स और पैसेंजर कार्स) को वापस बुलाया गया। वहीं 2019-20 में वापस बुलाए गई गाड़ियों की संख्या 2.14 लाख थी। Also Read - Nitin Gadkari ने दी Bharat NCAP को मंजूरी, अब इंडिया में भी होगा गाड़ियों का क्रैश टेस्ट

सुरक्षा में गड़बड़ी की वजह से रिकॉल की गई गाड़ियां

रिपोर्ट में यह भी दिखाया गया है कि फाईनेंशियल ईयर 2019-20 के बाद से, सुरक्षा में आई गड़बड़ी की वजह से भारत में कुल 2,071,894 गाड़ियों को वापस बुलाया गया। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के आंकड़ों के हवाले से कहा कि इनमें लगभग 1.07 मिलियन टू-वीलर्स थे और 0.99 मिलियन पैसेंजर कार थीं।

केंद्र सरकार दे सकती है रिकॉल के निर्देश

बता दें केंद्र सरकार के पास किसी भी वीइकल मेकर को गाड़ियों को रिकॉल का निर्देश देने का अधिकार होता है। अगर किसी वीइकल में गड़बड़ी की वजह से पर्यावरण, ड्राइवर या रोड पर चलने वाले दूसरे नुकसान पहुंचता है, तो सरकार इसके लिए रिकॉल का निर्देश दे सकती है। Motor Vehicle Act, 1988 के सेक्शन 110 A में इसका जिक्र है।

भारत में रोड एक्सीडेंट के मामलों में आई तेजी

नितिन गडकरी काफी समय से रोड सेफ्टी पर जोर दे रहे हैं। भारत उन देशों में से एक है जहां रोड एक्सीडेंट की संख्या काफी अधिक है। यहां हर साल, देश भर में लाखों सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जाती हैं, इन्मने लाखों लोगों की मौत हुई है और इससे भी अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

उन्होंने संसद में इंटरनेशनल रोड फेडरेशन, जिनेवा के वर्ल्ड रोड स्टैटिस्टिक्स (WRS) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में 2020 में लगभग 1.5 लाख रोड एक्सीडेंट हुए हैं। यह आंकड़ा 207 देशों में हुए रोड एक्सीडेंट्स का 26.37 प्रतिशत है। उन्होंने यह भी बताया कि साल 2020 में नेशनल हाईवे पर एक्सीडेंट के कारण कुल 47,984 लोगों की मौत हुई।

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  • Published Date: July 22, 2022 3:59 PM IST



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