comscore सट्टेबाजी वाले Online Games होंगे बैन, कैबिनेट ने पास किया ऑर्डिनांस - online gambling games likely to ban tamilnadu cabinet approves ordinance
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सट्टेबाजी वाले Online Games होंगे बैन, कैबिनेट ने पास किया ऑर्डिनांस

Online gambling games पर बैन लगाने के लिए तामिलनाडु कैबिनेट ने आध्यादेश पास कर दिया है। गवर्नर के हस्ताक्षर के बाद ऑनलाइन सट्टेबाजी गेम्स पर बैन लग जाएगा।

Highlights

  • online gambling games को बैन करने के लिए तामिलनाडु कैबिनेट ने पास किया आध्यादेश
  • एक साल से मद्रास हाईकोर्ट में चल रहा था मामला, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया फैसला
  • गवर्नर के हस्ताक्षर के बाद ऑनलाइन सट्टेबाजी गेम्स पर लग जाएगा बैन
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सट्टेबाजी वाले ऑनलाइन गेम (Online gambling game) पर बैन (Ban) लगाने का आर्डिनांस (आध्यादेश) तामिलनाडु कैबिनेट ने पास किया है। तामिलनाडु सरकार ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जज द्वारा तैयार किए गए रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया है। ऑनलाइन गैम्बलिंग गेम की वजह से हो रहे आत्महत्या और लोगों के कर्ज में डूबने की हो रही घटनाओं के आधार पर हाईकोर्ट के रिटायर्ट जज ने रिपोर्ट तैयार की है। तामिलनाडु कैबिनेट से इस ऑर्डनांस ड्राफ्ट को पास कर दिया है। यह ड्राफ्ट गवर्नर के हस्ताक्षर के बाद कानून में बदल जाएगा। सरकार जल्द यह नोटिफाई कर देगी कि कब से ऑनलाइन गैम्बलिंग गेम्स पर बैन लगेगा। Also Read - Vi Games में अब गेमर्स को मिलेंगे 3 नए और शानदार गेमिंग मोड्स, Vodafone-Idea ने किया ऐलान

हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की रिपोर्ट पर ऑर्डिनांस पास

ET की रिपोर्ट के मुताबिक, तामिलनाडु सरकार ने ऑनलाइन गैम्बलिंग गेम्स (Online gambling games) की वजह से हो रहे आत्महत्या, खास तौर पर युवाओं और स्कूली बच्चों में इसकी लत की वजह से पैरेंट्स के कर्ज में डूबने आदि के रिपोर्ट सामने आने पर यह फैसला लिया है। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज के चंद्रू (K Chandru) ने जून 2022 में रिपोर्ट दायर किया था और इसके लिए ऑर्डिनांस यानी आध्यादेश लाने का सुझाव दिया था।

रिटायर्ड जज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऑनलाइन गैम्बलिंग गेम्स को खेलने के लिए किसी स्किल की जरूरत नहीं होती है, जिसकी वजह से इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागी कर्ज के बोझ में जा सकते हैं, जो उसे मानसिक तौर पर परेशानी में डाल सकते हैं। सरकार ने 71 वर्षीय जस्टिस चंद्रू द्वारा दायर किए गए रिपोर्ट के आधार पर ड्राफ्ट को रिवाइज किया। साथ ही, स्कूलों, एजुकेशन डिपार्टमेंट और ई-मेल के जरिए सर्वे किया ताकि ऑनलाइन गेमिंग के प्रभाव के बारे में समझा जा सके।

पहले भी बैन करने की हो चुकी है पैरवी

तामिलनाडु कैबिनेट द्वारा ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगाए जाने के ऑर्डिनांस को पास कराना दूसरा प्रयास है। इससे पहले अगस्त 2021 में मद्रास हाईकोर्ट में ऑनलाइन गेमिंग बैन करने की अर्जी खारिज हो गई थी। तामिलनाडु के अलावा पड़ोसी राज्यों कर्नाटक और केरल में भी इस तरह के मामले हाईकोर्ट में खारिज किए जा चुके हैं।

इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने तामिलनाडु सरकार द्वारा मद्रास हाईकोर्ट के ऑनलाइन गेमिंग को बैन नहीं करने के फैसले पर नोटिस जारी किया था। कर्नाटक सरकार भी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ इस साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। तामिलनाडु सरकार ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग को बैन करने के लिए लाया गया यह ऑर्डिनांस अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण होगा।

2020 में कर्नाटक से BJP सांसद केसी रामामूर्ती ने राज्यसभा में केन्द्र सरकार से अपील की थी कि ऑनलाइन रम्मी (Rummy) गेम को बैन करने के लिए कहा था, क्योंकि युवाओं को इसकी लत लग रही थी और इसे खेलने के लिए किसी स्किल की जरूरत नहीं होती है। यह पूरी तरह से जुआ है।

  • Published Date: September 28, 2022 12:54 PM IST

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