comscore PUBG Mobile: बैन होने के बाद भी कैसे चल रहा है गेम? NCPCR ने मांगा जवाब
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PUBG Mobile: बैन होने के बाद भी कैसे चल रहा है गेम? NCPCR ने मांगा केंद्र सरकार से जवाब

2020 में भारत सरकार ने PUBG Mobile और PUBG Mobile Lite जैसे गेम्स समेत कई सारे अन्य ऐप्स को राष्ट्र की संप्रभुता, अखंडता और रक्षा के लिए हानिकारक बताते हुए ब्लॉक कर दिया था।

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PUBG ban in India: Why banned game still available in country NCPCR asks IT ministry


पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दुखद घटना पेश आई। एक 16 साल के बच्चे ने कथित तौर पर ऑनलाइन गेम PUBG Mobile खेलने से रोके जाने पर अपनी मां की गोली मारकर हत्या कर दी। अब National Commission of Protection of Child Rights (NCPCR) ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए IT मिनिस्ट्री और भारतीय ओलिम्पिक एसोसिएशन से सवाल किया है। Also Read - Apex Legends Mobile ने मचाया तहलका, लॉन्च के 13 दिनों में दे दी PUBG Mobile को मात

PTI की खबर NCPCR ने Ministry of Electronics and Information Technology सेक्रेटरी अजय प्रकाश को एक खत लिखकर कहा कि वे 10 दिनों के भीतर यह बताएं कि भारत में बैन हुए ऑनलाइन गेम PUBG Mobile को बच्चे अभी भी कैसे खेल पा रहे हैं। NCPCR ने Indian Olympic Association (IOA) के प्रेसीडेंट से PUBG और दूसरे गेम्स की ई-स्पोर्ट्स मान्यता के बारे में पूछा। आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं। Also Read - PUBG Mobile को एक बार फिर पछाड़ा इस गेम ने, चीन में है सुपर पॉपुलर

बैन होने के बाद भी कैसे चल रहा है PUBG Mobile

2020 में भारत सरकार ने PUBG Mobile और PUBG Mobile Lite जैसे गेम्स समेत कई सारे अन्य ऐप्स को राष्ट्र की संप्रभुता, अखंडता और रक्षा के लिए हानिकारक बताते हुए ब्लॉक कर दिया था। मगर हाल ही में इस गेम की वजह से एक लड़के ने कथित तौर पर अपनी मां की गोली मारकर हत्या कर दी। NCPCR ने IT मंत्रालय सचिव को लिखा: Also Read - केन्द्र सरकार ने सोशल मीडिया यूजर्स को दी चेतावनी, इन 8 बातों का हमेशा रखें ध्यान

“इस घटना के मद्देनजर, यह आयोग की समझ से परे है कि कैसे एक प्रतिबंधित खेल … जिसे सरकार द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया है, अभी भी नाबालिगों द्वारा उपयोग के लिए उपलब्ध है। इसलिए, आयोग आपके अच्छे कार्यालयों से इंटरनेट पर ऐसे ब्लॉक्ड ऐप्स की मौजूदगी की वजह बताने का अनुरोध करता है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने यह भी अनुरोध किया कि ऐसी घटनाओं में की गई कार्रवाई के बारे में उसे सूचित किया जाए। इसने यह भी कहा कि इस पत्र के प्राप्त होने के 10 दिनों के भीतर इसे रेगुलेटिंग बॉडी और रेगुलेटिंग मेकनिज्म के साथ इसे ऐसे खेलों की सूची प्रदान की जाए जो नाबालिगों द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं।

भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष को लिखे एक अन्य पत्र में, आयोग ने कहा कि यह देखा गया है कि PUBG को ई-स्पोर्ट्स का एक हिस्सा माना गया है और इसे ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) से मान्यता मिली है।

“उक्त संबंध में यह अनुरोध किया जाता है कि आयोग को वर्तमान स्थिति के बारे में सूचित किया जाए कि क्या आपके संगठन द्वारा PUBG या किसी अन्य समान ई-गेम को मान्यता दी गई है। यह अनुरोध किया जाता है कि इस पत्र की प्राप्ति के 10 दिनों के भीतर आयोग को ऐसे खेलों के बारे में, उनकी पहचान की स्थिति के साथ, सूचित किया जाए जो नाबालिगों द्वारा उपयोग किया जा रहा है।”

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  • Published Date: June 15, 2022 10:10 AM IST
  • Updated Date: June 15, 2022 10:15 AM IST



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