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Engineer’s Day 2018: जानें, आखिर भारत में 15 सितंबर को ही क्यों सेलिब्रेट होता है ये दिन

गूगल ने आज देश के बड़े इंजीनियर और जानकार रहे सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या

google doodle 15th 2018

गूगल ने आज देश के बड़े इंजीनियर और जानकार रहे सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या के जन्मदिन पर डूडल बनाकर उन्हें याद किया। सर मोक्षगुंडम का जन्मदिन यानी 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे के रूप में भी मनाया जाता है।

मोक्षगुंडम मैसूर के 19वें दीवान थे, जिनका कार्यकाल साल 1912 से 1918 के बीच रहा। इतना ही नहीं वर्ष 1955 में भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित भी किया गया था। इसके अलावा उन्हें किंग जॉर्ज पंचम ने उन्हें ब्रिटिश इंडियन एम्पायर के नाइट कमांडर का उपाधि भी दी थी।

विश्वेश्वरय्या जब 12 साल के थे जब उनके पिता का निधन हो गया था। शुरुआती पढ़ाई चिकबल्लापुर में करने के बाद वह बैंगलोर चले गए जहां से उन्होंने 1881 में बीए डिग्री हासिल की। इसके बाद पुणे गए जहां कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने बॉम्बे में पीडब्ल्यूडी से साथ काम किया और उसके बाद भारतीय सिंचाई आयोग में गए।

इसके अलावा उन्होंने हैदराबाद शहर को बाढ़ से बचाने का सिस्टम भी बनाकर दिया था। मोक्षगुंडम का जन्म 15 सितंबर 1860 को एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। 101 की उम्र में 14 अप्रैल 1962 को विश्वेश्वरैया का निधन हो गया था।

बता दें कि कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक चुनावी सभा में कर्नाटक के दिग्गजों के नाम लेते हुए ऐसी चूक की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर सब जगह विश्वेश्वरय्या का जिक्र होने लगा था। दरअसल, राहुल ने एक रैली में विश्वेश्वरय्या के नाम ठीक से नहीं लिया था या यूं कहें कि उनके नाम के लेत समय वह लड़खड़ा गए, जिसके बाद बीजीपी ने राहुल की खूब खिंचाई की थी।

  • Published Date: September 15, 2018 7:45 AM IST