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मुकेश अंबानी ने ट्रंप से कहा बिना चीन की मदद के लॉन्च करेंगे Jio 5G

रिलायंस जियो (Reliance Jio) अपने अपकमिंग 5G नेटवर्क में किसी भी सिंगल चाइनीज नेटवर्क पार्ट का इस्तेमाल नहीं करेगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज चेयरमैन मुकेश अंबानी ने यूएस के प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) को यह जानकारी दी है। अंबानी ने ट्रंप को यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित CEO इंटरेक्शन में दी। अंबानी ने कहा कि रिलायंस जियो दुनिया में अकेला ऐसा नेटवर्क है जिसको बनाने में सिंगल चाइनीज इक्विपमेंट का भी इस्तेमाल नहीं हुआ है। वाइट हाउस द्वारा जारी रिलीज में इसकी पुष्टि भी हो गई है।  

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रिलायंस जियो (Reliance Jio) अपने अपकमिंग 5G नेटवर्क में किसी भी सिंगल चाइनीज नेटवर्क पार्ट का इस्तेमाल नहीं करेगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज चेयरमैन मुकेश अंबानी ने यूएस के प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) को यह जानकारी दी है। अंबानी ने ट्रंप को यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित CEO इंटरेक्शन में दी। अंबानी ने कहा कि रिलायंस जियो दुनिया में अकेला ऐसा नेटवर्क है जिसको बनाने में सिंगल चाइनीज इक्विपमेंट का भी इस्तेमाल नहीं हुआ है। वाइट हाउस द्वारा जारी रिलीज में इसकी पुष्टि भी हो गई है।
आपको बता दें कि रिलायंस जियो ने साउथ कोरियन कंपनी सैमसंग को अपने 4G और 5G नेटवर्क के लिए पार्टनर बनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक जब ट्रंप ने अंबानी से पूछा कि आपने 4G नेटवर्क तैयार कर लिया है, क्या आप 5G भी तैयार करेंगे? इस पर अंबानी ने कहा कि हमने  5G पर काम शुरू कर दिया है। हम दुनिया में अकेले ऐसे नेटवर्क हैं जिन्होंने सिंगल चाइनीज कंपोनेट का इस्तेमाल अपने नेटवर्क पर नहीं किया है। Also Read - 4G डाउनलोड स्पीड के मामले में रिलायंस जियो (Reliance Jio) नंबर वन, अपलोड स्पीड में वोडाफोन (Vodafone) ने मारी बाजी

इससे पहले अमेरिकी वाणिज्य सचिव विल्बर रॉस ने पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका चिंतित है कि यदि उसके सहयोगियों ने हुआवे के 5G टेलीकम्युनिकेशन इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया तो इससे उनकी सिक्योरिटी खतरे में आ सकती है। इससे पहले ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने भारत से कहा था कि वे चीन की हुवावे को भारत में 5G विस्तार से दूर रखें। हालांकि इसके बावजूद हुवावे और ZTE को भारतीय सरकार ने 5G ट्रायल्स के लिए अनुमति दे दी थी। Also Read - Wifi Dabba 1 रुपये में देगी 1GB डाटा, रिलायंस जियो फाइबर को मिलेगी टक्कर

हालांकि हुवावे को भारत में 5G के कॉमर्शियल विस्तार के लिए चुनना एक अलग फैसला होगा। अमेरिका का मानना है कि चाइनीज टेलीकॉम वेंडर हुवावे और ZTE से उसकी और किसी भी देश की सिक्योरिटी को लेकर खतरा हो सकता है। अमेरिका और उसके सहयोगियों ने 5G नेटवर्क में हिस्सा लेने के लिए इन दोनों कंपनियों पर बैन लगा रखा है। अमेरिका के सहयोगी देशों में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान और ताइवान जैसी दो कंपनियां शामिल हैं।

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  • Published Date: February 28, 2020 6:19 PM IST