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रियलमी ने सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम के साथ लॉन्च किया स्मार्टफोन

रियलमी (Realme) ने भारत में पहला नाविक (एनएवीआईसी) नेविगेशन सपोर्ट वाला स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। इसकी जानकारी रियलमी के सीईओ माधव सेठ ने एक ट्वीट के जरिए दी है। नाविक भारत का अपना सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम है।

Realme CEO Madhav Sheth

रियलमी ने भारत में पहला नाविक (एनएवीआईसी) नेविगेशन सपोर्ट वाला स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। इसकी जानकारी रियलमी के सीईओ माधव सेठ ने एक ट्वीट के जरिए दी है। नाविक भारत का अपना सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम है। सेठ ने खुलासा किया कि नाविक सपोर्ट वाला दुनिया का पहला ही नहीं बल्कि दूसरा फोन भी रियलमी की ओर से ही पेश किया जाएगा, जिसका अनावरण पांच मार्च को किया जाएगा। मजेदार बात यह है कि इससे पहले श्याओमी के उपाध्यक्ष और श्याओमी इंडिया के प्रबंध निदेशक मनु कुमार जैन ने 25 फरवरी को एक ट्वीट कर कहा था कि उनका रेडमी स्मार्टफोन आने वाला है, जोकि भारत में पहला नाविक (एनएवीआईसी) नेविगेशन सपोर्ट वाला स्मार्टफोन होगा। वहीं कंपनी ने 5 मार्च को एक इवेंट का आयोजन किया है, जहां कंपनी अपने नए स्मार्टफोन लॉन्च करेगा।


मगर इससे पहले ही रियलमी ने इस तरह का स्मार्टफोन लॉन्च कर एक बार फिर से श्याओमी को बड़ा संदेश दिया है। दरअसल इससे पहले भी दोनों कंपनियां एक-दूसरे के साथ नोक-झोंक करती नजर आ चुकी है, जिसमें रियलमी ने श्याओमी को बेहतरीन अंदाज में जवाब भी दिया है। बता दें कि भारतीय स्मार्टफोन बाजार में ‘कॉपी-कैट ब्रांड’ कहे जाने के बाद चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी श्याओमी को करारा जवाब देते हुए प्रतिद्वंद्वी कंपनी रियल मी के सीईओ माधव सेठ ने ट्विटर पर कहा था, “असली इनोवेटिव ब्रांड और मार्केट लीडर ऐसा व्यवहार नहीं करते हैं।”

मनु कुमार जैन द्वारा पहले किए गए ट्वीट का जवाब देते हुए सेठ ने ट्वीट किया, “एक असली इनोवेटिव ब्रांड और मार्केट लीडर ऐसा व्यवहार नहीं करते हैं। मूल गरिमा और नैतिकता को बनाए रखा जाना चाहिए। चाहे आप अपने प्रतियोगी के विकास पर कितना भी असुरक्षित क्यों न हों।” दरअसल, इससे एक सप्ताह पहले ही ट्विटर पर दोनों कंपनियों के बीच रस्साकशी शुरू हुई थी। उस समय जैन ने ट्वीट किया था, “हास्यास्पद! एक कॉपी-कैट ब्रांड हमारा मजाक उड़ाता है। बाद में यह ब्रांड विज्ञापन लाता है और कुछ लोग हमें दोष देना शुरू कर देते हैं। अधिकांश ब्रांड विज्ञापनों का सहारा लेते हैं, मगर केवल श्याओमी को धिक्कारा जाता है। हम अपने व्यवसाय मॉडल के बारे में पारदर्शी हैं। अगर कोई पत्रकार हमारे इंटरनेट व्यवसाय को समझना चाहता है, तो मुझे बात करने में खुशी होगी!”

संपर्क करने पर सेठ ने आईएएनएस को बताया, “यह ब्रांडों को उनकी कॉर्पोरेट नैतिकता को कम करने और सोशल मीडिया पर कीचड़ उछालने के लिए शोभा नहीं देता है, क्योंकि यह केवल समग्र उद्योग की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। हम यहां अपने यूजर्स को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए हैं अनुभवों और रियल मी का ध्यान इसी पर केंद्रित है।” पिछले साल मई में दोनों स्मार्टफोन कंपनियों के बीच ट्विटर पर जंग देखने मिली थी। इसकी शुरुआत रियल मी के खिलाफ जैन के ट्वीट से ही हुई थी। इसमें उन्होंने रियलमी 3-प्रो पर कटाक्ष किया था, जिसमें श्याओमी का दावा था कि रियल मी ने इस फोन में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 710 का प्रयोग किया है, जो उसके स्नैपड्रैगन 675 से भी पुराना है। श्याओमी ने कहा कि उसने अपने लेटेस्ट डिवाइस रेडमी नोट-7 प्रो में स्नैपड्रैगन 675 का इस्तेमाल किया है।

दरअसल, श्याओमी ने इसके जरिए रियल मी को नीचा दिखाने का प्रयास किया था, क्योंकि रियल मी ने काफी कम समय में ही भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। मगर रियल मी ने इसका भी करारा जवाब दिया था। सेठ ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि श्याओमी उसकी सफलता से असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा, “कोई डर रहा है।” कैलेंडर वर्ष 2019 में श्याओमी का 28 फीसदी बाजार पर कब्जा रहा। वहीं रियल मी ने इस दौरान 255 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। इस अवधि में रियल मी भी 10 फीसदी बाजार पर अपना प्रभुत्व कायम करने में सफल रही। जबकि इस कंपनी को देश के बाजार में उतरे मुश्किल से एक साल हुआ था। सेठ ने ट्वीट किया, “हम 2020 में रियल मी को सर्वश्रेष्ठ बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। बाकी उनकी पसंद है, हम परेशान नहीं हैं।”

INPUT:IANS

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  • Published Date: March 1, 2020 11:25 AM IST